डॉ. सतीश चंद्र शर्मा
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सीबीआई द्वारा तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए गए कैंट बोर्ड के पूर्व नामित सदस्य डॉ. सतीश चंद्र शर्मा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। सोमवार देर रात उन्हें गाजियाबाद जिले की डासना जेल से रिहा कर दिया गया और वे मेरठ अपने घर आ गए।
सीबीआई ने 30 मई को गांधी बाग के राजस्व ठेके को लेकर ठेकेदार विक्की कश्यप की शिकायत पर कैंट बोर्ड के नामित सदस्य डॉ. सतीश चंद्र शर्मा को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए उनके अंसल टाउन स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया था। यहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया गया। तभी से वह जेल में थे।
पांच अगस्त को सीबीआई कोर्ट ने उनकी जमानत निरस्त कर दी थी। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की। सीबीआई की लिखित सूचना पर कैंट बोर्ड ने कैंटोनमेंट एक्ट 2006 की धारा 34 के तहत उनकी सदस्यता समाप्त करने के लिए रक्षा मंत्रालय के पास प्रस्ताव भेजा। रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के बाद डॉ. सतीश शर्मा की सदस्यता समाप्त कर दी गई।
शुक्रवार को हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत दे दी थी। सोमवार देर रात डासना जेल से उन्हें रिहा कर दिया गया। डॉ. सतीश शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें षड्यंत्र करके फंसाया गया है। उन्हें कोर्ट पर विश्वास है कि उनके साथ न्याय होगा। हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्वेताश्व अग्रवाल ने बताया कि न्यायमूर्ति जस्टिस विक्रमदीप चौहान की खंडपीठ ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए डॉ. सतीश को जमानत दी है।