गृह मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन संचालित नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) के माध्यम से बच्चों से संबंधित ऑनलाइन यौन शोषण एवं अश्लील सामग्री की सूचना पुलिस को मिली थी। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने दोनों मामलों की जांच शुरू की।
तकनीकी विश्लेषण के दौरान संबंधित सर्विस प्रोवाइडरों से मिले डिजिटल साक्ष्यों की जांच की गई। इसके बाद दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार शाहरुख ने व्हाट्सएप मैसेंजर के माध्यम से किशोरियों के अश्लील वीडियो अपलोड किए।
दूसरे मामले में आरोपी रिजवान ने इंस्टाग्राम प्रोफाइल समीर सिद्दीकी के मैसेंजर का इस्तेमाल कर अश्लील वीडियो अपलोड किया। मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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