रालोद कार्यकर्ताओं का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के संस्थापक रामअवतार पलसानिया ने चौधरी चरण सिंह और जयंत चौधरी पर अभद्र टिप्पणी की। इसी को लेकर थाने हंगामा किया गया।
किसानों के मसीहा और भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह व उनके पौत्र जयंत चौधरी पर की गई अशोभनीय टिप्पणी के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सियासी और सामाजिक पारा चढ़ गया है। इस बयान के विरोध में राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं ने कंकरखेड़ा थाने में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के संस्थापक रामअवतार पलसानिया के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। वहीं दौराला के सकौती में भी जाट समाज ने बैठक कर पलसानिया की उत्तर प्रदेश में एंट्री प्रतिबंधित करने की चेतावनी दी है।
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बृहस्पतिवार शाम रालोद जिलाध्यक्ष अनिकेत भारद्वाज और जटोली निवासी गौरव पवार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता कंकरखेड़ा थाने पहुंचे। कार्यकर्ता रामअवतार पलसानिया के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए और तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए थाने में ही धरना पर बैठ गए। रालोद नेताओं का कहना है कि चौधरी चरण सिंह पूरे देश के नेता हैं और उनके खिलाफ की गई कोई भी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान सुनील रोहटा, चौधरी सत्येन्द्र सिंह तोमर, वीरेंद्र तोमर, मनोज जटोली, अरविंद तोमर और चंद्रवीर सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि अपमानजनक टिप्पणी और जातीय संघर्ष को बढ़ावा देने वाले भाषण के मामले में आरोपी रामअवतार पलसानिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353-2 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सकौती में जाट समाज की महापंचायत : चंदे पर भी उठे सवाल
दौराला के सकौती स्थित हितकारी किसान इंटर कॉलेज में समाज के लोगों ने एक अहम बैठक की। अखिल भारतीय जाट महासभा के अध्यक्ष रोहित जाखड़ ने कहा कि किसानों के मसीहा और भारत रत्न चौधरी चरण सिंह का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चेतावनी दी कि पलसानिया की उत्तर प्रदेश में एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित की जाएगी।
आरोप लगाया गया कि सकौती टांडा में हाल ही में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा स्थापना के नाम पर आयोजित कार्यक्रम को राजनीतिक रंग दिया गया। कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और सांसद हनुमान बेनीवाल समेत कई नेता शामिल हुए थे। जाट समाज के लोगों का आरोप है कि प्रतिमा के नाम पर करोड़ों रुपये का चंदा जुटाया गया और मंच का इस्तेमाल सियासी लाभ के लिए किया गया।
सकौती टांडा के पूर्व प्रधान योगेंद्र ने कहा कि समाज ने पलसानिया का सम्मान किया था लेकिन इस तरह की टिप्पणी करने वालों को अब जवाब दिया जाएगा। एडवोकेट कपिल मलिक ने कहा कि चौधरी चरण सिंह केवल एक बिरादरी नहीं बल्कि पूरे देश के नेता थे जिन्होंने किसानों के हित में ऐतिहासिक कार्य किए। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजीत सिंह के योगदान का भी उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे महान नेताओं के परिवार पर टिप्पणी करना निंदनीय है। बैठक में समाज के लोगों ने पलसानिया से सार्वजनिक माफी की मांग की और चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।
संस्था ने झाड़ा पल्ला
विवाद बढ़ता देख अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने एक वीडियो जारी कर स्पष्ट किया कि रामअवतार पलसानिया का बयान उनका व्यक्तिगत विचार है और संस्था का इससे कोई लेना-देना नहीं है।
मैं मेरे शब्द वापस लेता हूं...चौधरी चरण सिंह अमर रहेंः रामावतार पलसानिया
चौधरी चरण सिंह मेरे आदर्श हैं, जीवन भर उनका सम्मान करता आया हूं और जीवन भर सम्मान करता रहूंगा। उनके या उनके परिवार के बारे में गलत शब्द जीवन में कभी बोल ही नहीं सकता। अंतरजातीय विवाह को समाज में बढ़ावा देना गलत है, सामाजिक रीती-नीति को समझना चाहिए, अंतरजातीय विवाह से समाज खत्म हो जाएगा। जो लोग विरोध कर रहे हैं क्या वो अपनी बहन-बेटियों को दूसरे समाज में ब्याह कर सकते हैं, कोई भी सामाजिक व्यक्ति इसको स्वीकार नहीं करेगा। चौधरी चरण सिंह के नाम को इसमें गलत तरीके से जोड़ा गया है। फिर भी किसी को लगता है कि मेरे शब्दों से उनको ठेस पहुंची है तो मैं मेरे शब्द वापस लेता हूं...चौधरी चरण सिंह अमर रहें। - रामावतार पलसानिया, संस्थापक अध्यक्ष, अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद