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मेरठ: अपर मुख्य सचिव अपर्णा यू पर 25 हजार का जुर्माना, मोदी रबर की 117 एकड़ भूमि के दुरुपयोग का है मामला

Fri, 04 Sep 2026 12:35 AM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना का आरोप है कि मेरठ में यह भूमि सरकारी ग्रांट लीज डीड के तहत दी गई थी। लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए इसकी अवैध खरीद-फरोख्त की गई। यह मामला कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट ने सुनवाई में विलंब के लिए जिम्मेदार मानते हुए 25 हजार रुपये वसूलने का आदेश दिया है।
 
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कोर्ट। सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : adobestock
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विस्तार
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मोदी रबर की 117 एकड़ भूमि की खरीद-फरोख्त में लीज की शर्तों के उल्लंघन प्रकरण में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया है। न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की गई है। जुर्माने की धनराशि याचिकाकर्ता लोकेश खुराना को देने का आदेश है। न्यायालय ने कार्रवाई में देरी व प्रतिपूरक शपथपत्र प्रस्तुत न करने पर सख्त रुख अपनाया।
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याचिकाकर्ता लोकेश खुराना का आरोप है कि मेरठ में मोदी रबर की 117 एकड़ बेशकीमती भूमि का दुरुपयोग किया गया। यह भूमि सरकारी ग्रांट लीज डीड के तहत दी गई थी। लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए इसकी अवैध खरीद-फरोख्त की गई। मामले की जांच के लिए पहले तीन आईएएस अधिकारियों की समिति बनी थी। बाद में शासन स्तर पर भी एक जांच समिति गठित की गई थी।
 

इस प्रकरण की सुनवाई बीती एक सितंबर को हुई। न्यायालय के आदेश पर अपर मुख्य सचिव अपर्णा यू दो सितंबर की दोपहर 12 बजे कोर्ट में उपस्थित हुईं। कोर्ट ने विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारी के वेतन या निजी फंड से 25 हजार रुपये वसूलने का आदेश दिया।
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न्यायालय ने निर्देश दिया है कि प्रकरण की आगे की कार्रवाई की निगरानी राज्य के प्रमुख सचिव स्तर से की जाएगी। सरकार को छह सप्ताह के भीतर की गई कार्रवाई से न्यायालय को अवगत कराना होगा। इससे शासन स्तर पर अब कार्रवाई की सीधी निगरानी उच्च स्तर से होगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व में गठित दो जांच समितियों की रिपोर्ट के बावजूद कार्रवाई में देरी पर नाराजगी व्यक्त की। न्यायालय ने राज्य सरकार की ओर से प्रतिपूरक शपथपत्र दाखिल करने में हुए विलंब को गंभीर माना। इसी कारण संबंधित अधिकारी के वेतन या निजी फंड से 25 हजार रुपये वसूलने का आदेश दिया गया।
 
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