यूपी के मेरठ में अपहरण मामले में महिला कांस्टेबल संध्या भारद्वाज का रविवार को मवाना थाने में बयान दर्ज कराया गया। महिला सिपाही ने पुलिस को बताया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था। रात में अंकित चौहान का फोन आया तो मैं खुद उसके साथ चली गई थी।
पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में उसे पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उसकी मर्जी के अनुसार बाद में पुलिस ने उसे परिजनों को सौंप दिया। वह अपने पिता के साथ घर चली गई।
बहसूमा थाने पर अकबरपुर सादात निवासी महिला कांस्टेबल संध्या भारद्वाज के पिता ने रविवार को शादी से पहले बेटी को अगवा किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अलीगढ़ में साइबर क्राइम थाने में तैनात संध्या को तलाशने के बाद पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया।
'अपनी मर्जी से अंकित के साथ गई थी'
संध्या ने अपने बयान में कहा कि वह अपनी मर्जी से अंकित के साथ गई थी। उसका अपहरण नहीं हुआ था। पिता के मुताबिक, संध्या का रिश्ता अलीगढ़ के ही बन्ना देवी थाने में तैनात कांस्टेबल अतुल शर्मा से तय हुआ था।
रविवार शाम को आनी थी बरात
अतुल मुजफ्फरनगर जनपद के मीरापुर थाने के गांव खेड़ी सराय का निवासी है। रविवार शाम को बरात आनी थी। घर में शादी की रस्में चल रही थी। हल्दी की रस्म पूरी होने के बाद शादी से कुछ घंटे पहले हाथों में मेहंदी लगी कांस्टेबल संध्या भारद्वाज के अचानक लापता होने पर हड़कंप मच गया।
तब परिजनों ने मवाना थाना क्षेत्र के ढिकोली निवासी हिस्ट्रीशीटर अंकित चौहान पर संध्या को अगवा करने का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अभी अंकित चौहान पुलिस के हाथ नहीं लग सका है। एसपी देहात अभिजीत कुमार के मुताबिक महिला कांस्टेबल बालिग है। अदालत में बयान दर्ज होने के बाद वह अपने पिता के घर चली गई।