मृतक के पिता साजिद पुत्र रहीस ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि उनके बेटे फरीद की गांव निवासी कासिम की पत्नी जुबैदा से फोन पर बातचीत होती थी। इसी रंजिश के चलते 10 जुलाई की रात कासिम, सद्दाम, हबीब, यामीन और अन्य लोगों ने फरीद के साथ मारपीट की तथा उसे बिजली का करंट देकर हत्या कर दी।
परिजनों का आरोप है कि हत्या के बाद आरोपियों ने शव को उसके ताऊ के खाली मकान में पंखे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया। अगले दिन जब फरीद काफी देर तक घर नहीं लौटा तो उसकी मां और बहनोई उसे तलाशते हुए वहां पहुंचे, जहां उसका शव फंदे से लटका मिला।
परिजनों का यह भी आरोप है कि आरोपियों ने पुलिस को सूचना दिए बिना उनके साथ मिलकर जल्दबाजी में शव को दफना दिया। बाद में मामले की शिकायत प्रशासन से करते हुए शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराने की मांग की गई।
शव निकाले जाने की सूचना मिलते ही कब्रिस्तान में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरी कार्रवाई कराई।
सीओ सदर देहात सुधीर कुमार ने बताया कि शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का। उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।