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चर्चित चेतन हत्याकांड: इंसाफ मिला तो छलके खुशी के आंसू, डर-डर के तारीख पर जाते थे मितन, खौफनाक थी पूरी वारदात

Thu, 31 Mar 2022 12:17 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

चर्चित चेतन हत्याकांड में 102 तारीख लगने के बाद आखिरकार पीड़ित परिवार इंसाफ मिला। इंसाफ मिलने से पीड़ित परिवार के खुशी के आंसू छलक उठे। यह पूरी वारदात बहुत ही खौफनाक थी।
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पीड़ित परिवार। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मेरठ में चर्चित चेतन हत्याकांड में पीड़ित परिवार को इंसाफ पाने के लिए जान की बाजी लगानी पड़ी। चेतन की मां सावित्री और जीजा बबलू को भी हत्यारों ने मार दिया था। सवित्री अपने बेटे की हत्या की चश्मदीद गवाह थीं और जीजा बबलू पैरोकारी कर रहे थे। चेतन के भाई मितन को 302 के मुकदमे में जीत हासिल करने के लिए 102 तारीख पर कचहरी में कड़ी सुरक्षा में जाना पड़ा। कई बार धमकी भी मिली, इसके बावजूद वह पीछे नहीं हटे। पीड़ित परिवार ने चंदा एकत्र करके इंसाफ की लंबी लड़ाई लगी है। पीड़ित परिवार ने कोर्ट के फैसले की सराहना की है। 

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यह मामला सरूरपुर थाना क्षेत्र के हसनपुर रजापुर गांव का है। सात जुलाई 2016 को अनुसूचित जाति के चेतन कुमार को गांव के कुख्यात सुमित जाट और उसके परिवार ने मौत के घाट उतार दिया था। इसमें चेतन की मां सावित्री और भाई मितन चश्मदीद गवाह बने थे। पांच फरवरी 2018 को कोर्ट में चश्मदीद की गवाही होनी थी। उससे दो दिन पहले हत्यारों ने खेत में गन्ने की छिलाई कर रही सावित्री को मार दिया था। चेतन और सावित्री की पैरोकारी कर रहे जीजा बबलू को 12 फरवरी को उसके गांव झुनझुनी सरधना में मार डाला था। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई थी। 

चश्मदीद मितन ने बताया कि चेतन हत्याकांड में 102 तारीख कोर्ट में लगी, जिसमें वह हर तारीख पर गया। कई बार उसको जान से मारने की धमकी मिली। इसके बावजूद भी वह नहीं रुका। पुलिस की सुरक्षा में वह तारीख पर जाते थे। मितन और उसके भाई रवि को तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी ने दो लाइसेंस हथियार दिलवाए और उनकी सुरक्षा बढ़ा दी। 
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मंगलवार को चेतन हत्याकांड में कुख्यात सुमित जाट, उसके भाई सुजीत, पिता जगबीर, संजय, अशोक और प्रकाश को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही 50-50 हजार का अर्थदंड लगाया गया। मितन और उसके परिवार ने कोर्ट के फैसले की सराहना की है। 

फैसला आते ही परिवार को मिल रही धमकी, मांगी सुरक्षा 
मितन ने बताया कि वह चेतन उर्फ भूरा, सावित्री और बबलू की हत्या में चश्मदीद गवाह है। हत्यारों को उम्रकैद की सजा होते ही धमकी मिलने लगी। मितन का आरोप कि बबलू हत्याकांड के आरोपी अतुल, सावित्री हत्याकांड के आरोपी सागर उर्फ हिमांशु, कुलदीप और मोहन ने जल्द परिवार के खात्मे का एलान किया है। ऐसे में पीड़ित परिवार को जान का खतरा बढ़ गया है। मितन ने शासन-प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने का आग्रह किया है। मितन का कहना है कि 2018 से ही वह डर के साये में जी रहे है। मितन जिला पंचायत सदस्य भी है।

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सावित्री और बबलू हत्याकांड का ट्रायल  
सावित्री की हत्या में वादी और गवाह मितन ने बताया कि सावित्री हत्याकांड का केस फाइनल ट्रायल पर है। उसकी आखिरी गवाही होने वाली है। इस हत्याकांड में भी शामिल आरोपियों को सख्त सजा मिलने की उम्मीद है। बबलू हत्याकांड में सरधना थाने में तैनात तत्कालीन सिपाहियों की गवाही होते ही फैसला आना है। सिपाही गवाही देने नहीं जा रहे हैं। सावित्री हत्याकांड में 75, बबलू की हत्या में 72 तारीखें लग चुकी हैं। तीनों हत्याकांड में मुख्य आरोपी रहे कुख्यात सुमित के भाई सुजीत जाट को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया था।
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