धरने पर लाए गए पोस्टर
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ग्रामीणों ने कहा कि इस मामले में एनआईए से भी जांच कराई जाए। दीपक के भाई को सरकारी नौकरी दी जाए और अधूरा खुलासा करने वाले पुलिस अफसरों पर कार्रवाई हो। लोगों ने कहा कि इस हत्याकांड को कम से कम सात लोगों ने अंजाम दिया है। मंगलवार को परिजन व ग्रामीण जैसे ही धरने पर पहुंचे तो महिलाएं भी हाथों में पंपलेट लेकर धरनास्थल पर पहुंच गईं। जिन पर लिखा था 'योगीराज में परीक्षित गढ़ में हिंदुओं का उत्पीड़न, दीपक का सिर तन से जुदा, कटे सिर के साथ हिंदू पलायन करने को मजबूर'। वहीं धरने में लगातार लोगों की संख्या बढ़ रही है।