पुलिस टीम ने कोलाब रोड मुजफ्फरपुर बिहार निवासी रंजन कुमार, शास्त्रीनगर ई-ब्लाक निवासी नारायण केला और भोलाझाल जानी निवासी मोहित शर्मा को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद रंजन की पत्नी स्वेता, अनुज पूनिया, जिगर और नियाज को भी आरोपी बनाया गया। फरार चारों आरोपियों की तलाश में मेडिकल पुलिस और एसटीएफ ने दबिश दी, लेकिन किसी को सुराग नहीं लगा।
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि 2 साल में करीब पांच करोड रुपये की बेरोजगारों से ठगी हुई है। आरोपियों ने अलग-अलग खातों में पैसे डलवाए है। पुलिस ने रंजन, स्वेता और नारायण केला के 15 बैंक खाते मिले है। जिनको पुलिस ने बैंक अधिकारियों से मिलकर सीज कराया है।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों के 15 बैंक खाते है। उनका भी पता कराया जा रहा है। आरोपियों ने अधिकांश खाते दूसरे के नाम खुलवाएं हुए है। जिनका पुलिस पता करने में लगी है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना कि मेडिकल पलिस और एसटीएफ जांच करने में लगी है। ठगी के शिकार लोगों का भी पता कराया जा रहा है। पीड़ितों को पैसा वापस दिलाया जाएगा।