फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut: घटना के पांच दिन बाद भी कार्यवाई के नाम पर टरका रही हस्तिनापुर पुलिस, पीड़ित काट रहा चक्कर

Mon, 06 May 2024 05:46 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के हस्तिनापुर में पुलिस की मनमानी सामने आई है। यहां एक मई की घटना पर पुलिस ने पांच दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की है। वहीं पुलिस की मनमानी के चलते पीड़ित थाने के चक्कर काट रहा है। 
विज्ञापन
पीड़ित युवक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लोकसभा चुनाव के तहत लगाई गई आदर्श आचार संहिता के चलते पुलिस अपनी मनमानी कर रही है। हस्तिनापुर पुलिस का ऐसा ही एक कारनामा सोमवार को सामने आया जब घटना के पांच दिन बाद मामला दर्ज न होने पर पीड़ित परिवार ने सीओ सौरभ सिंह से मिलकर कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन


मामला थाना क्षेत्र के भीमकुंड गांव का है,जहां पर गेहूं की थ्रेसिंग को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। इसमें मालीपुर निवासी अंकुश पुत्र श्रीचंद गंभीर रूप से घायल हुआ जिसे मेरठ के लिए रेफर किया गया। उसके बाद भी पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया, जबकि पीड़ित पक्ष लगातार आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करता रहा।

मालीपुर निवासी पीड़ित युवक सतेन्द्र पुत्र श्रीचन्द ने बताया कि एक मई को उसका भाई अंकुश  गेहूं की थ्रेशर मशीन को भीमकुंड निवासी एक किसान के खेत में लेकर पहुंचा। गांव के ही पास में उसका खेत था, जहां पर उसने अपनी मशीन से किसान के गेहूं की थ्रेसिंग की काम समाप्त होने के बाद उक्त किसान ने उन्हें थ्रेसिंग की मजदूरी का गेहूं देने से मना कर दिया। उनके साथ करीब आधा दर्जन किसान लाठी डंडों और हथियार से लैस होकर गाली-गलौज करने लगे। जब उसने इस बात का विरोध किया तो जान से मारने की नियत से लांठी डंडो व धारदार हथियार से सिर व पूरे शरीर पर कई बार हमला किया जिसमें अंकुश गंभीर रूप से घायल हो गया।
विज्ञापन

पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी उसका मोबाइल भी छीनकर ले गए। पीड़ित के भाई सत्येंद्र ने बताया कि उसके बाद उन्होंने मामले की सूचना डायल 112 पर दी मौके पर पहुंची पुलिस ने गंभीर रूप से घायल उसके भाई को सीएचसी हस्तिनापुर भर्ती कराया जहां पर उसकी हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया इस मामले में उन्होंने आरोपियों के खिलाफ थाने पर नाम दर्ज तहरीर दी परंतु पिछले पांच दिन हो चुके हैं।

थाना पुलिस उन्हें कार्यवाही के नाम पर टरका रही हैं और आरोपियों पर अभी तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। पीड़ित अंकुश ने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में आरोपियों से मिलकर खेल कर रही है जबकि उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

थाना पुलिस द्वारा पांच दिन बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई न करने पर सीओ सौरव सिंह से मिलकर पीड़ित परिवार ने कार्रवाई की मांग की। जहां पर को सौरव सिंह ने थाना प्रभारी को इस मामले में मुकदमा दर्ज कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस मामले में थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
विज्ञापन

मेडिकल के बाद भी दर्ज नहीं किया मुकदमा
मालीपुर निवासी पीड़ित युवक अंकुश पुत्र श्री चंद ने बताया कि इस समय हस्तिनापुर पुलिस की मनमानी चल रही है क्योंकि उसके साथ पांच दिन पूर्व हुई घटना में अभी तक आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित ने बताया कि भीमकुंड निवासी करीब आधा दर्जन लोगों ने अपने ही खेत पर मजदूरी का गेहूं मांगने पर उसे पर हमला किया।

गंभीर रूप से घायल होने पर तुरंत पुलिस ने उसे इलाज के लिए मेरठ रेफर किया मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर भी पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है क्योंकि पुलिस आरोपी पक्ष से मिलकर कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। उसने बताया कि अब वह इस मामले में एसपी से मिलेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें