शहर के उद्योगपति थापरनगर निवासी सोमिल अग्रवाल को डीजीजीआई (जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय) की मेरठ शाखा ने कर चोरी के मामले में गिरफ्तार किया है। सोमिल अग्रवाल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। सोमिल की यूनिट परतापुर में उद्योगपुरम गगोल रोड पर है। जांच टीम के अनुसार सोमिल अग्रवाल ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 9.80 करोड़ कर कर चोरी की है। जांच टीम ने कंपनी के कई रिकार्ड, दस्तावेज, लैपटॉप, नकदी सहित अन्य सामान भी जब्त किया है।
हरीश केमिकल प्रोडक्टस में सोमिल अग्रवाल पार्टनर हैं। कंपनी में उनके पास खरीद और बिक्री की सभी जिम्मेदारी हैं। विभागीय जांच के दौरान कंपनी के रिकार्ड, लैपटॉप और नकदी आदि की जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान दो मोबाइल भी जब्त किए गए। जांच में कंपनी की ओर से कर चोरी सामने आई। विभाग के अनुसार कंपनी द्वारा कैश में ट्रांजेक्शन की गई। टीम की ओर से ऑफिस के साथ ही घर पर भी तलाशी ली गई।
यह कंपनी कई दशक से मेरठ में केमिकल संबंधी उत्पाद तैयार कर रही है। यह भी सामने आया कि टीजीयू के स्थान पर एजीयू को धोखाधड़ी से खरीदा गया। इसमें 9.32 लाख की फर्जी आईटीसी और 57.82 लाख की जीएसटी का भुगतान नहीं किया गया।
कंपनी के पार्टनर ने बिना चालान के नकद में माल बेचा और फर्जी फर्मों के खातों में राशि जमा कराई। खास बात यह भी सामने आई सोमिल फर्जी फर्मों के खातों में नकली बिलों के बदले कमिशन के रूप में पैसा देते थे। डीजीजीआई के ओर से विशेष अभियोजन अधिकारी लक्ष्य कुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ में सोमेल ने स्वीकार किया है कि वह नकद लेनदेन की प्रविष्टियां स्वयं करते थे।
लक्ष्य कुमार सिंह ने जांच में मिले सभी दस्तावेजों को कोर्ट के सामने प्रस्तुत किया है। इसके अतिरिक्त विभाग अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भी जुटा रहा है। इस मामले में सोमिल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।