लोहियानगर थाने में लिसाड़ी गेट क्षेत्र की शाहजहां कॉलोनी निवासी खलील अहमद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 23 जून की रात उसके पुत्र अजहर को सुल्तान निवासी लक्खीपुरा थाना लिसाड़ी गेट, कामिल उर्फ कल्लू निवासी शाहजहां कॉलोनी और अनस एक शादी में जाने के बहाने बुलाकर ले गए थे। इन तीनों ने अजहर को गोली मार कर घायल कर दिया था। पुलिस ने जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरु कर दी थी।
सीओ कोतवाली आशुतोष कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार रात पुलिस ने आरएम हॉस्पिटल के पास से सुल्तान और कामिल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में सुल्तान ने बताया कि अजहर पर उसके दो लाख रुपये उधार थे। 23 जून की रात तीनों आरोपी अजहर को बहाने से शादी में बुलाकर ले गए थे।
शादी के बाद सुबह पांच बजे नौशाद की दुकान के पास चौराहे पर चारों बीयर पी रहे थे। इसी दौरान तीनों का अजहर से झगड़ा होने लगा। हाथापाई होने पर अजहर ने कामिल के साथ गाली-गलौज की। आरोपियों ने अजहर को गोली मार दी। मौके से भागते हुए उन्होंने पिस्टल चिंदौड़ी पुलिया की ओर झाड़ियों में छिपा दी थी और दिल्ली भाग गए थे।
दिल्ली से सुल्तान और कामिल लौटे तो पुलिस के हत्थे चढ़ गए। घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल बरामद कराने के लिए लोहियानगर पुलिस कामिल को साथ लेकर चिंदौड़ी पुलिया पर पहुंची। यहां कामिल ने पिस्टल झाड़ियों में से उठाकर दरोगा ऋषभ गुप्ता को नाले में धक्का दे दिया। इसके बाद अपना हाथ छुड़ा लिया। वह पुलिसकर्मियों पर पिस्टल से फायरिंग कर आरोपी भागने लगा।
जवाब में पुलिस ने फायरिंग की तो दाहिने पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद कामिल और सुल्तान को कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सीओ ने बताया कि आरोपी अनस को तलाश किया जा रहा है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।