यूपी के मेरठ जिला अस्पताल में धूल फांक रही करोड़ों की बिल्डिंग और लाखों के बेड कबाड़ होने की खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की। खबर का असर ये हुआ कि अगले दिन ही जिला अस्पताल के जिम्मेदारों ने बिल्डिंग की सफाई और धुलाई शुरू करा दी। खराब हो चुके बेड बाहर निकाल दिए गए और नए बेड डालकर वार्ड तैयार कर दिया गया। बिजली व्यवस्था भी दुरुस्त कराई गई। बताया गया कि सारी बिल्डिंग को जल्द ही चकाचक करा दिया जाएगा। जरूरत के हिसाब से इन वार्डों का इस्तेमाल मरीजों के लिए किया जाएगा।
प्यारेलाल शर्मा जिला अस्पताल की यह बिल्डिंग तीन मंजिला है। ग्राउंड फ्लोर पर शल्य चिकित्सा और पोषण पुनर्वास केंद्र हैं, जबकि प्रथम तल पर डायलिसिस यूनिट चल रही है। लेकिन इसके अलावा ऊपर के दोनों फ्लोर पूरी तरह से धूल से अटे पड़े थे। ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल पर भी कई कमरे ऐसे थे, जिनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। जिला अस्पताल में हर साल करीब चार लाख से ज्यादा मरीज आते हैं। शासन सरकारी अस्पतालों को बेहतर करने के प्रयास के बाद बेहतर अस्पतालों को पुरस्कृत भी कर रहा है।