Meerut News: जमीन की धोखाधड़ी मामले में आरोपी विक्रम यादव के घर को सीआरपीएफ ने घेर लिया। दस्तावेज खंगाले और पूरे परिवार से पूछताछ की गई। सेना से रिटायरमेंट के बाद विक्रम ने प्रॉपर्टी का काम शुरू किया था।
टीपी नगर थाना क्षेत्र के शेखपुरा में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व सैन्यकर्मी विक्रम यादव के आवास पर छापा मारा। सीआरपीएफ के जवानों के कड़े सुरक्षा घेरे में सुबह शुरू हुई यह कार्रवाई छह घंटे से अधिक समय तक चली। ईडी की कार्रवाई से कॉलोनी में दिनभर अफरा-तफरी और हलचल का माहौल बना रहा। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने घर के भीतर और बाहर कड़ी निगरानी रखी तथा किसी भी बाहरी व्यक्ति को मकान में प्रवेश नहीं करने दिया।
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सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने बताया कि मलियाना चौकी के पास शेखपुरा निवासी विक्रम यादव सेना के निर्माण विभाग यूनिट में तैनात थे। करीब तीन वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त होने के बाद से वह प्रॉपर्टी का काम कर रहे हैं। परतापुर में उनका हाईवे पर ही होटल भी है। मंगलवार सुबह जब विक्रम यादव अपने घर पर मौजूद थे, तभी दिल्ली से तीन गाड़ियों में सीआरपीएफ जवानों के साथ ईडी के 12 से अधिक अधिकारी वहां पहुंचे।
टीम ने घर में घुसते ही मुख्य दरवाजा बंद कर दिया जिससे विक्रम और उनके परिवार को संभलने तक का मौका नहीं मिला। सूचना मिलते ही टीपी नगर थाना प्रभारी भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। सीओ के मुताबिक कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस घर के बाहर मुस्तैद रही और टीम की हरसंभव मदद की गई।
मृत दिखाकर प्लॉट का फर्जी बैनामा कराने का है आरोप
पूर्व सैन्यकर्मी विक्रम यादव पर जमीन धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं। उन पर टीपी नगर (मेरठ) में एक और नोएडा में दो प्राथमिकी दर्ज हैं। साल 2025 में परतापुर थाने पर डूंगरावली निवासी सुशील ने विक्रम यादव, उनके बेटे हरीश यादव समेत पांच आरोपियों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि इन लोगों ने सुशील को कागजों में मृत दिखाकर उनके 400 गज के प्लॉट का फर्जी बैनामा तैयार करा लिया था। बाद में आरोपी विक्रम ने यह बैनामा अपने बेटे हरीश के नाम पर ट्रांसफर कर दिया था। मामला सामने आने पर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत की थी जिसके बाद अब इस मामले में ईडी की एंट्री हुई है।
वित्तीय लेनदेन और संपत्ति के दस्तावेजों की गहन पड़ताल
ईडी की टीम मुख्य रूप से आवश्यक दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के लिए पहुंची थी। अधिकारियों ने घर में मौजूद संपत्ति के कागजात और अन्य अभिलेखों की गहन पड़ताल की। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों को नजरबंद रखते हुए उनसे लंबी पूछताछ की गई और मामले से संबंधित जानकारी जुटाई गई। देर शाम तक चली इस कार्रवाई के बाद अधिकारियों की ओर से छापेमारी में हुई बरामदगी को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि जांच में मिले वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर ईडी जल्द ही आगे की बड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी।