मेरठ 20 बीघा जमीन को लेकर कलियुगी बेटे ने पिता को मौत के घाट उतार दिया। बेटे के खिलाफ मां चश्मदीद गवाह बनी और गवाही भी दी, जिसमें बेटे को उम्रकैद हो गई। जमानत पर बाहर आकर बेटे ने मां की भी हत्या कर दी। हत्यारे बेटे को सजा दिलाने के लिए अब महिला का भाई कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। गवाह पर कई बार हमला हो चुका है, लेकिन वह मजबूती से अड़ा हुआ है। केस में गवाही हो चुकी है। उसका कहना है कि हत्यारे बेटे को फांसी की सजा होने पर ही इंसाफ मिलेगा।
2005 में पिता को मारा
जानी थानाक्षेत्र के बाफर गांव में 20 सितंबर 2005 को धर्मपाल की हत्या उसके इकलौते बेटे लोकेश ने जमीन के विवाद में कर दी थी। धर्मपाल की पत्नी कृपाली ने बेटे के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया। जानी थाने की पुलिस ने लोकेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा। कृपाली की गवाही पर कोर्ट ने लोकेश को उम्रकैद की सजा सुना दी। हाईकोर्ट में अपील करने पर आठ साल बाद वह जमानत पर बाहर आया था।