पुलिस ने इस मामले में प्रियांशु, दीपांशु, प्रिंस, कोसेंद्र को पकड़कर जेल भेज दिया था, जबकि, दौराला थाना क्षेत्र के नगली आजड़ गांव निवासी सोमेंद्र उर्फ ओमेंद्र फरार चल रहा था। वहीं, बुधवार देर रात दौराला थाने में तैनात एसआई चंद्रकिशोर अन्य पुलिस कर्मियों के साथ सोमेंद्र उर्फ ओमेंद्र को पकड़ने गए थे। पुलिस ने सोमेंद्र को दबिश देकर पकड़ लिया, लेकिन परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पुलिस के साथ अभद्रता करते हुए हाथापाई कर दी। ग्रामीणों ने जबरन सोमेंद्र को पुलिस पकड़ से छुड़ाने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस किसी तरह अपनी जान बचाकर आरोपी सोमेंद्र को पकड़कर थाने ले आई।
वहीं, कुछ ही देर बाद सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण थाने पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने थाने पर जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस सोमेंद्र का एनकाउंटर कर देगी, जिस पर ग्रामीण थाने पर ही धरना देकर बैठ गए। हंगामा बढ़ता देख कई थानों की फोर्स को बुला लिया गया। थाना प्रभारी संजय कुमार शर्मा ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर वार्ता की। उन्होंने ग्रामीणों के सामने ही अधिकारियों को सोमेंद्र की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी दी। साथ ही ग्रामीणों से पूछा कि जिस थाने में वह चाहते हैं वहां सोमेंद्र को भेज दिया जाएगा।
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ग्रामीणों ने गंगानगर थाने पर सोमेंद्र को भेजने की मांग रखी, जिस पर पुलिस ने सोमेंद्र को गंगानगर थाने भेज दिया। इस पर ग्रामीण शांत हुए। थाना प्रभारी संजय कुमार शर्मा का कहना है कि पुलिस सोमेंद्र को गिरफ्तार करके लाई थी। सोमेंद्र हस्तिनापुर में हुए दोहरे हत्याकांड में नामजद था। ग्रामीणों ने उसे छुड़ाने का प्रयास किया और बाद में थाने आकर हंगामा किया। ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत करा दिया गया है।
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