Dr. prafull verma
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जमातियों का इलाज करने वाले डॉ. तरुण राजपूत, डॉ. प्रफुल्ल वर्मा और डॉ अनामिका सिंह ने बताया कि मरीजों को ठीक करने के लिए उनकी मानसिक स्थिति को मजबूत करना और उन्हें तनाव में न आने देना बेहद जरूरी है।
ऐसे में संक्रमित जमातियों से उनकी पसंद और नापसंद के बारे में भी जानकारी ली गई। उनसे पूछा गया कि उनकी और किस तरह मदद की जा सकती है। इसके बाद उन्होंने मजहब से जुड़ी दुआएं सुनने की बात कही। इसके बाद चिकित्सकों ने कोरोना वार्ड में स्मार्टफोन के जरिए जमातियों को दुआएं सुनवाईं।
डाॅ. अनामिका ने बताया कि मरीजों का इलाज कर अब वह छुट्टी पर हैं। उनके सामने 30 कोरोना संक्रमित मरीजों को ठीक करना बड़ी चुनौती थी लेकिन उन्होंने टीम बनाकर सभी जमातियों से उनकी पसंद और नापसंद को जाना और 15 दिनों तक मरीजों से मोटिवेशनल बातचीत की। नतीजन, सभी पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट चुके हैं
इसी तरह मेडिकल में कोरोना संक्रमितों को ठीक करने के लिए भी चिकित्सकों ने संगीत का सहारा लिया। मरीजों से उनकी रुचि के बारे में जानकारी ली गई। उन्हें हल्का संगीत सुनने की छूट प्रदान की।
डॉक्टरों का कहना है कि इससे मरीजों में कोरोना को लेकर भय दूर हुआ और वे तनाव से दूर रहे। लिहाजा दवाओं ने बेहतर असर किया और वे जल्दी ठीक होकर अपने घरों को लौट गए हैं।