जसप्रिंदर सिंह ने बताया कि उनका बेटा रात को घर पर खेल रहा था। इसी दौरान वह गिर गया और उसकी आंख के पास गहरा कट लग गया। जिसके बाद वह उसे भाग्य श्री अस्पताल में लेकर पहुंचे। वहां पर डाक्टरों ने उनसे पांच रुपये वाली फेवीक्विक मंगाने के लिए कहा। जिसके बाद फेवीक्विक से कटा हुआ हिस्सा चिपका दिया।
बेटे को लगातार दर्द होने के चलते वह उसे लेकर लोकप्रिय अस्पताल पहुंचे। जहां पर डाक्टरों को फेवीक्विक हटाने में तीन घंटे लग गए और दर्द के चलते बेटा तड़पने लगा। इसके बाद लोकप्रिय अस्पताल में टांके लगा गए। पीड़ित ने सीएमओ से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने बताया कि यदि फेवीक्विक आंख में गिर जाती तो बड़ी घटना हो सकती थी। सीएमओ ने पूरे प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सीएमओ अशोक कटारिया का कहना है कि पूरे मामला संज्ञान में आया है। जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी।