भुवनेश्वर कुमार की शादी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
सबसे पहले बात करते हैं स्विंग के मास्टर भारतीय क्रिकेट टीम के दायें हाथ तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की। भुवनेश्वर का जन्म 5 फरवरी 1990 को मेरठ में हुआ था। वह घरेलू क्रिकेट में उत्तर प्रदेश के लिए खेलते हैं। 2012 में इंटरनेशनल क्रिकेट में शुरुआत करने के बाद भुवनेश्वर ने टीम इंडिया में अपनी खास पहचान बनाई। भुवनेश्वर कुमार के तीन उपनाम (भुवी, भुवन और बिट्टू) हैं। भुवनेश्वर कुमार के पिता का नाम किरण पाल सिंह है और वह उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद से रिटायर्ड हो चुके हैं। भुवी को क्रिकेट प्लेयर बनाने में उनके पिता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अब आगे जानते हैं उनकी प्रेम कहानी के बारे में:-
भुवनेश्वर कुमार और नूपुर नागर
भुवनेश्वर कुमार ने अपने बचपन की दोस्त नूपुर नागर के साथ 24 नवंबर 2017 को विवाह रचाया। नूपुर भी मेरठ की रहने वाली हैं। वह पेशे से इंजीनियर हैं और नोएडा में जॉब करती हैं। मेरठ के गंगानगर में भुवनेश्वर के पड़ोस में ही नूपुर का घर था। बचपन की पहचान पहले दोस्ती में बदली और फिर दोनों ने जीवन भर साथ रहने का भी निर्णय कर लिया। नूपुर नागर की शुरुआती पढ़ाई-लिखाई देहरादून में हुई। वहां उन्होंने छठी कक्षा तक पढ़ाई की थी। इसके बाद उनका परिवार मेरठ आ गया था। यहां मवाना रोड स्थित जेपी एकेडमी में 12वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद नोएडा से बीटेक करके वहीं एक मल्टी नेशनल कंपनी में जॉब करने लगीं। खास बात यह है कि दोनों की दोस्ती पहले प्यार में बदली फिर दोनों ने शादी कर ली।
रोचक जानकारियां
- बचपन से उन्हें क्रिकेट में रुचि थी। 10 वर्ष की आयु में उन्होंने शौकिया तौर पर लीग टूर्नामेंट खेलना शुरू कर दिया, जिसे टेनिस की गेंदों के साथ खेला जाता था।
- 13 वर्ष की उम्र में, वह मेरठ के भामाशाह क्रिकेट अकादमी में शामिल हो गए।
- यदि वह आज एक क्रिकेटर नहीं होते, तो सेना अधिकारी होते।
- वह स्विंग गेंदबाज प्रवीण कुमार को अपने आदर्श के रूप में मानते हैं, क्योंकि उन्होंने प्रवीण कुमार से काफी कुछ सीखा है।
- उन्हें अपनी घातक इनस्विंग और आउट स्विंग गेंदबाजी के कारण “द स्विंग किंग” का उपनाम दिया गया।
- एक गेंदबाज होने के अलावा, वह एक अच्छे बल्लेबाज भी हैं। वर्ष 2012 में प्रथम श्रेणी के मैच के दौरान, उन्होंने आठ नंबर पर बल्लेबाजी की और 253 गेंदों पर 128 रन बनाए।
-वह ऐसे गेंदबाजों में से एक है, जिन्होंने खेल के सभी 3 प्रारूपों में अपना पहला विकेट हासिल करने के लिए बल्लेबाज को बोल्ड आउट किया। उन्होंने टी-20 में “नासिर जमशेद”, एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (ओडीआई) में “मोहम्मद हफीज” और टेस्ट में “डेविड वार्नर” को बोल्ड आउट किया।
- वह भारतीय टीम में इशांत शर्मा के सबसे अच्छे मित्र हैं।
भारतीय स्टार बल्लेबाज सुरेश रैना के रिकॉर्ड की वैसे तो आपने खूब चर्चाएं सुनी होंगी लेकिन, क्या आप उनके जीवन से जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में जानना चाहते हैं। तो आगे जानिए:-
सुरेश रैना और प्रियंका चौधरी
सुरेश रैना और प्रियंका चौधरी की प्रेम कहानी-
बताया जाता है कि क्रिकेटर सुरेश रैना को अपनी बचपन की दोस्त प्रियंका चौधरी से प्यार हुआ और फिर ये प्यार शादी तक पहुंच गया। खास बात यह है कि दोनों के परिवार वाले इस रिश्ते को लेकर तैयार हो गए। फिर तीन अप्रैल 2015 को उनकी शादी हो गई। प्रियंका के पिता सतपाल शर्मा मुरादनगर के एक इंटर कॉलेज में खेल अध्यापक रहे। बताया जाता है कि प्रियंका के पिता गाजियाबाद में रैना के खेल अध्यापक थे।
वहीं शादी से पहले प्रियंका चौधरी नीदरलैंड्स में बैंकिंग इंडस्ट्री में काम करती थीं। बीटेक करने के बाद प्रियंका ने एक आईटी प्रोफेशनल के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन वो बाद में भारत आ गईं ताकि वो अपनी बेटी ग्रेसिया को पूरी तरह से अपना वक्त दे सकें, उसकी हर चाहत पूरी कर सकें। प्रियंका चौधरी और सुरेश रैना ने मिलकर एक चैरिटी फाउंडेशन की शुरुआत की, जिसका नाम ग्रेसिया रैना फाउंडेशन है। ये संस्था उन्होंने अपनी बेटी ग्रेसिया के बर्थडे पर शुरू की जो कि उन गरीब मांओं और बच्चों की शारीरिक और मानसिक समस्याओं को सुलझाती है और मदद करती है। इस फाउंडेशन के जरिए प्रियंका चौधरी गरीब महिलाओं को सशक्त बनने और बच्चों से संबंधित अहम फैसले खुद लेने के लिए भी प्रेरित करती हैं। साथ ही इसके जरिए गरीब महिलाओं को प्रेग्नेंसी, बच्चे और बच्चे के जन्म के दौरान व बाद में स्वस्थ खान पान के बारे में जागरुक भी करती हैं। सुरेश रैना और प्रियंका चौधरी के परिवार काफी लंबे समय से एक दूसरे के करीबी हैं। हालांकि रैना का परिवार मूल रूप से जम्मू-कश्मीर का है। उनके पिता त्रिलोकचंद रैना सेना में रह चुके हैं। सुरेश रैना ने देश के लिए 226 वनडे, 78 टी-20 और 18 टेस्ट मैच खेले हैं। तीनों फॉर्मेट में रैना के नाम 7988 रन दर्ज हैं जिसमें सात शतक और 48 अर्द्धशतक शामिल हैं।
भारतीय क्रिकेटर प्रवीण कुमार अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले अपने ट्विटर एकाउंट पर एक भावुक संदेश पोस्ट किया था।
क्रिकेट मेरा पहला प्यार
ट्वीट करते हुए प्रवीण ने अपने एकाउंट पर क्रिकेट को पहला प्यार बताया। उन्होंने लिखा यह महान यात्रा और महान जीवन रहा है। मैं भरे दिल से अपने पहले प्यार ‘क्रिकेट मेरी जान’ को अलविदा कहना चाहता हूं। उन्होंने बीसीसीआई व उप्र क्रिकेट एसोसिएशन को धन्यवाद किया।
गौरतलब है कि वे 13 साल तक भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेले हैं। वह अब ओएनजीसी के लिए ही क्रिकेट खेलेंगे। प्रवीण कुमार भारतीय टीम की कई शानदार पारियों का हिस्सा रहे हैं। आइए आगे जानते हैं प्रवीण कुमार के जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें:-
प्रवीण कुमार और सपना चौधरी
बताया जाता है कि भारतीय क्रिकेटर प्रवीण कुमार की शादी 18 नवंबर 2010 को सपना चौधरी के साथ मेरठ में ही हुई थी। खास बात यह है कि सपना चौधरी भी मेरठ की ही रहने वाली हैं। हालांकि उनकी शादी के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा रही थी कि प्रवीण की शादी उनकी बचपन की दोस्त से हुई है। लेकिन हम आपको बताना चाहेंगे कि उनकी शादी अरेंज मैरिज हुई थी। वैसे प्रवीण कुमार के एक दोस्त ने बताया कि सपना चौधरी बचपन से नहीं बल्कि कॉलेज टाइम से प्रवीण कुमार की दोस्त बनीं थी।
आपको बता दें कि प्रवीण कुमार ने अपना आखिरी वनडे ढाका में पाकिस्तान के खिलाफ 2012 में खेला था।
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