एंटी करप्शन की टीम कानूनगो को टीपीनगर थाने ले आई, जहां उसके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया गया। आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा। डीएम वीके सिंह ने एसडीएम सदर से रिपोर्ट लेकर कानूनगो को तुरंत निलंबित कर दिया। बड़ा सवाल यह है कि आखिर कानूनगो को एंटी करप्शन की गोपनीय कार्रवाई की जानकारी किसने दे दी। कानूनगो को जेल भेजने के बाद एंटी करप्शन टीम ने विभाग की गोपनीयता भंग करने वाले की भी तलाश शुरू कर दी है।
जानी थाना क्षेत्र के पांचली खुर्द गांव निवासी कृपाल की 22 बीघा जमीन एनएच-58 स्थित एक निजी विश्वविद्यालय के पीछे है। जमीन की देखभाल राकेश कुमार निवासी मिर्जापुर कर रहे हंै। उनकी जमीन के पास में सरकारी जमीन है।
जिस कारण वह अपनी जमीन की पैमाइश कराना चाहते थे। आरोप है कि पैमाइश के नाम पर कानूनगो 20 हजार रुपये की मांग कर रहा था। जिसकी शिकायत पीड़ित ने एंटी करप्शन टीम से की थी।
मंगलवार को पीड़ित ने फोन कर कानूनगो को पैसे देने की बात कही थी। पीड़ित दो बार पैसा देने कानूनगो के पास गया था, लेकिन उसके मोबाइल पर आए अलर्ट के मेसेज के चलते वह बार-बार उसको वापस भेज देता था। बताया गया है कि कानूनगो का पैतृक गांव टीकरी जिला बागपत है।
दो बार टरकाया, तीसरी बार पार्क में बुलाया
कानूनगो लोकेंद्र राठी शिकायतकर्ता कृपाल सिंह से रिश्वत लेकर पैमाइश करने के लिए चक्कर लगवा रहा था। रिश्वत लेने के लिए कृपाल सिंह को मंगलवार को दो बार काॅल करके बुलाया और फिर कुछ गड़बड़ी का अंदेशा होने पर पैसा लिए बिना ही वापस कर दिया। लोकेंद्र ने बुधवार सुबह तीसरी बार कृपाल को अपने घर के पास पार्क में रिश्वत का पैसा लेने के लिए बुला लिया। तभी टीम ने उसे दबोच लिया।
लालबत्ती का निशान और अलर्ट के थे संकेत
एंटी करप्शन थाना प्रभारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि कानूनगो को गिरफ्तार करने के बाद उनके मोबाइल की एंटी करप्शन ने जांच की, जिसमें उसके एक प्रशासनिक कर्मचारी और अधिकारी वाले निजी व्हाट्सएप ग्रुप पर अलर्ट का मेसेज मिला। गोपनीयता भंग करने की भी जांच की जा रही है।