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Arrested: डीएम ने टीम बनाई, भेदिए ने अलर्ट का मेसेज भेजा... फिर भी ली रिश्वत, कानूनगो गिरफ्तार

Thu, 05 Jun 2025 12:33 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

कानूनगो के व्हाट्सएप नंबर पर पुलिस की लालबत्ती का निशान और अलर्ट के संकेत भेजकर आगाह कर दिया। बावजूद इसके कानूनगो ने रिश्वत लेने से गुरेज नहीं किया।
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रिश्वत लेते हुए कानूनगो गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ सदर तहसील के कानूनगो लोकेंद्र कुमार राठी को रिश्वतखोरी में गिरफ्तारी के लिए एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार सुबह 10:00 बजे डीएम से अनुमति मांगी। 48 मिनट बाद ही गोपनीय सूचना को लीक करते हुए किसी ने कानूनगो के व्हाट्सएप नंबर पर पुलिस की लालबत्ती का निशान और अलर्ट के संकेत भेजकर आगाह कर दिया। 

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इसके चलते दो बार शिकायतकर्ता और एंटी करप्शन टीम को कानूनगो ने घुमाया, लेकिन बुधवार सुबह साढ़े सात बजे तीसरे प्रयास में अपनी कॉलोनी के पार्क में 20 हजार रुपये रिश्वत लेते उसे गिरफ्तार कर लिया गया। 

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एंटी करप्शन की टीम कानूनगो को टीपीनगर थाने ले आई, जहां उसके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया गया। आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा। डीएम वीके सिंह ने एसडीएम सदर से रिपोर्ट लेकर कानूनगो को तुरंत निलंबित कर दिया। बड़ा सवाल यह है कि आखिर कानूनगो को एंटी करप्शन की गोपनीय कार्रवाई की जानकारी किसने दे दी। कानूनगो को जेल भेजने के बाद एंटी करप्शन टीम ने विभाग की गोपनीयता भंग करने वाले की भी तलाश शुरू कर दी है। 

जानी थाना क्षेत्र के पांचली खुर्द गांव निवासी कृपाल की 22 बीघा जमीन एनएच-58 स्थित एक निजी विश्वविद्यालय के पीछे है। जमीन की देखभाल राकेश कुमार निवासी मिर्जापुर कर रहे हंै। उनकी जमीन के पास में सरकारी जमीन है। 

जिस कारण वह अपनी जमीन की पैमाइश कराना चाहते थे। आरोप है कि पैमाइश के नाम पर कानूनगो 20 हजार रुपये की मांग कर रहा था। जिसकी शिकायत पीड़ित ने एंटी करप्शन टीम से की थी। 

मंगलवार को पीड़ित ने फोन कर कानूनगो को पैसे देने की बात कही थी। पीड़ित दो बार पैसा देने कानूनगो के पास गया था, लेकिन उसके मोबाइल पर आए अलर्ट के मेसेज के चलते वह बार-बार उसको वापस भेज देता था। बताया गया है कि कानूनगो का पैतृक गांव टीकरी जिला बागपत है।

वॉलीबाल खेलते समय पकड़ा 
बुधवार सुबह कानूनगो ने पीड़ित को अपनी कॉलोनी ग्रीनवुड सिटी के पार्क में बुला लिया था। उस समय कानूनगो पार्क में वाॅलीबाल खेल रहा था। पीड़ित को देखकर कानूनगो पैसे लेने उसके पास आया, तभी एंटी कप्शन टीम ने उसको रंगेहाथ दबोचा। इस दौरान आरोपी के पास से 500 के 40 नोट बरामद हुए। मौके पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि एंटी करप्शन टीम की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की गई है। जानकारी पर परिवार और कॉलोनी के लोगों में अफरातरफी मच गई। कॉलोनी से टीपीनगर थाने तक शाम तक गहमागहमी का माहौल रहा। 

 
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दो बार टरकाया, तीसरी बार पार्क में बुलाया
कानूनगो लोकेंद्र राठी शिकायतकर्ता कृपाल सिंह से रिश्वत लेकर पैमाइश करने के लिए चक्कर लगवा रहा था। रिश्वत लेने के लिए कृपाल सिंह को मंगलवार को दो बार काॅल करके बुलाया और फिर कुछ गड़बड़ी का अंदेशा होने पर पैसा लिए बिना ही वापस कर दिया। लोकेंद्र ने बुधवार  सुबह तीसरी बार कृपाल को अपने घर के पास पार्क में रिश्वत का पैसा लेने के लिए बुला लिया। तभी टीम ने उसे दबोच लिया।

लालबत्ती का निशान और अलर्ट के थे संकेत
एंटी करप्शन थाना प्रभारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि कानूनगो को गिरफ्तार करने के बाद उनके मोबाइल की एंटी करप्शन ने जांच की, जिसमें उसके एक प्रशासनिक कर्मचारी और अधिकारी वाले निजी व्हाट्सएप ग्रुप पर अलर्ट का मेसेज मिला। गोपनीयता भंग करने की भी जांच की जा रही है। 
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