मंगलवार को भी किशोरी के साथ छेड़छाड़ हुई और उसका हाथ भी पकड़ा गया। किसी तरह छूटकर घर पहुंची और मां बानो को घटना की जानकारी दी। मां पल्लवपुरम थाने पर तहरीर देने चली गई।
इसी दौरान परिवार के अन्य सदस्य घर के बाहर बैठे थे और मुस्कान घर के अंदर अकेली थी। काफी देर तक वह बाहर नहीं आई तो परिजन अंदर पहुंचे। वे उसका फंदे पर लटका शव देखकर सन्न रह गए। उन्होंने बानो को घटना के बारे में बताया। सूचना मिलने पर पुलिस के भी होश उड़ गए।
आनन-फानन में पहुंची पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की बात कही। इससे पर गुस्साए परिजनों ने कहा कि पहले आरोपियों को गिरफ्तार करे, फिर शव उतारने देंगे। उनकी पुलिस से काफी नोेकझोंक भी हुई। जल्द कार्रवाई का आश्वासन देकर शव उतारा गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
परिजनों ने गांव के ही चार युवकों को आरोपी बताकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि अभी परिवार की ओर लिखित तहरीर नहीं मिली है। घटना की जांच कराई जा रही है।
पुलिस की लापरवाही ने छीन ली मां की ‘मुस्कान’
घटना के बाद पुलिस पर आक्रोश जाहिर करते हुए मां बानो ने बताया कि उसने एक माह पहले भी आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी थी। लेकिन पुलिस केवल आश्वासन देती रही। पुलिस की लापरवाही के कारण ही उसकी बेटी मुस्कान की जान चली गई। गांव के अन्य लोगों ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
पलटुपुरी कांड में भी हो चुकी पुलिस की किरकिरी
हस्तिनापुर क्षेत्र के पलटुपुरी में भी एक महिला के साथ लगातार छेड़छाड़ हो रही थी। पुलिस प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इससे क्षुब्ध होकर महिला ने अपने पति और बेटी को जहर दे दिया था। इस मामले में महिला व उसके पति की मौत हो गई थी। बेटी को चिकित्सकों ने बचा लिया था। इस मामले के बाद पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी और पुलिस ने दबाव आने पर आरोपियों को जेल भेजा था।
न हेल्पलाइन काम आई और न हेल्प डेस्क, कैसे सुरक्षित रहेंगी बेटियां
बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन, थानों में महिला हेल्प डेस्क से लेकर एंटी रोमियो दल सक्रिय होने के दावे किए जाते हैं। मगर इसके बावजूद अक्सर बेटियों के साथ ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। न तो हेल्पलाइन काम आ रही है और न ही हेल्प डेस्क। बेटियां अब भी असुरक्षित हैं।