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Meerut: गिरफ्तार सदस्यों ने बताए PFI के खतरनाक इरादे, भड़काकर संगठन से जोड़े जाते थे युवा

Sun, 25 Sep 2022 03:59 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के खरखौदा से पीएफआई के सदस्यों ने पूछताछ में बताया कि पीएफआई के निशाने पर  योगी सरकार और देश की शांति व्यवस्था बिगाड़ना मकसद था। हिंसक घटनाओं  के लिए मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर सहित कई जिलों में नेटवर्क फैलाया था।
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PFI सदस्य - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एटीएस ने विशेष ऑपरेशन के तहत शनिवार खरखाैदा थाना क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान टीम ने  पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के सदस्यों को PFI व कुछ अन्य मुस्लिम संगठनों के साथ मिलकर देश-विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का संदेह जताते हुए चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। टीम के अधिकारी इनसे गहनता से पूछताछ कर रहे हैं। 

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देश को खंडित करने वर्ष 2047 तक इस्लामिक राष्ट्र बनाने जाने का षड्यंत्र कर हिंदु व मुसलमानों के बीच सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव डालने आदि गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल होने पर इन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। 

पुलिस के मुताबिक आरोपी शादाब अजीज कासमी ऑल इंडिया इमाम काउंसलिंग के पश्चिम उत्तर प्रदेश का प्रदेशाध्यक्ष है। मुफ्ती शहजाद पीएफआई के एडहॅाक कमेटी का सदस्य है। मोहम्मद इस्लाम ऑल इंडिया इमाम काउंसलिंग का सदस्य है। इनके साथ मोहम्मद साजिद से सुरक्षा एजेंसी ने घंटों पूछताछ की। यह भी पता चला कि वर्ष 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की मंशा से वह ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
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युवाओं को भड़काकर पीएफआई से जोड़ने की कोशिश
आरोपियों ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें देश में आतंकी और आईएसआई संगठन से जुड़कर हिंसक घटनाओं के लिए प्रेरित किया जाता है। सभी पीएफआई से जुड़े लोगों का मकसद होता है कि देश में शांति व्यवस्था बिगाड़ना है। सीएए और एनआरसी के बारे में गलत तथ्य पेश कर युवाओं को पीएफआई से जोड़ने की कोशिश की जाती रही है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम द्वारा फुगाना थाना क्षेत्र के जोगियाखेड़ा गांव से पकड़ा इस्लाम कासमी कुछ दिनों से गांवों में सर्फ साबुन बेचता था। उसके संबंध पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) से पाए गए। उसके खिलाफ मेरठ के खरखौदा थाने में मुकदमा भी दर्ज किया गया है। अब उसके संपर्क में रहने वालों की जांच शुरू की हैं।
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जोगियाखेड़ा गांव निवासी  हाजी अख्तर के बेटे इस्लाम कासमी को दो दिन पहले एनआईए की टीम पकड़कर अपने साथ ले गई थे। माना जा रहा था कि इस्लाम कासमी का संबंध पीएफआई से था लेकिन परिजनों ने इस बारे में जानकारी होने से इंकार किया था। परिजनों का कहना था कि वह तो गांव के बाहर मदरसे में पढ़ाता है। परिवार मजदूरी कर गुजारा कर रहा है। इस्लाम के पकड़े जाने के बाद से क्षेत्र के लोग भी उसकी भूमिका संदिग्ध मान रहे थे। लेकिन सभी ने चुप्पी साधी थी। 

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हालांकि परिजनों ने इस्लाम के मदरसे में पढ़ाने की बात कही है लेकिन यह बात भी सामने आ रही है कि वह वर्तमान में बाहर रह कर सर्फ साबुन बेचता था। उसके संबंध पीएफआई से थे। सूत्रों के अनुसार, इसके साक्ष्य भी एकत्र किए गए हैं।
 
एनआईए ने उसके अलावा तीन अन्य पीएफआई सदस्यों को गिरफ्तार किया हैं। एटीएस और एनआईए की टीम ने इनके खिलाफ मेरठ के खरखौदा थाने में गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया हैं।
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