इससे भला नहीं होगा
केंद्र सरकार के साढ़े चार साल और प्रदेश सरकार के डेढ़ साल होने के बाद भी मेरठ की दो प्रमुख मांगों को पूरा न होने की वजह से यहां के लोगों में निराशा का माहौल है। हाल ही में उड़ान की सूची में सहारनपुर को शामिल कर लिया गया। लेकिन यहां भी मेरठ के साथ धोखा किया गया। इसके अलावा मेरठ से प्रयागराज को जाने वाली संगम और नौचंदी एक्सप्रेस की लेटलतीफी भी यात्रियों को परेशान करती रही है। लंबे समय से यह ट्रेन प्रयागराज से समय पर मेरठ नहीं पहुंची हैं।
सोशल मीडिया पर छाया मेरठ
कैबिनेट बैठक में घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर मेरठ छाया रहा। सोशल मीडिया सहित विकीपीडिया पर भी गंगा एक्सप्रेस-वे को अपडेट कर दिया गया। इसकी शुरुआत मेरठ से ही लिखी गई और अंतिम छोर प्रयागराज लिखा गया। इसके अलावा ट्विटर ट्रेंड में भी यह चलता रहा।
यह निर्णय प्रशंसनीय
प्रयागराज में अक्षय वट के नीचे बैठकर मेरठ से प्रयागराज एक्सप्रेस-वे का यह निर्णय प्रशंसनीय है। हम मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री को धन्यवाद बोलते हैं। मेरठ से दुनिया का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होकर गुजरेगा।
- राजेंद्र अग्रवाल, सांसद
स्वागत है फैसले का
इस फैसले का स्वागत करता हूं। गंगा किनारे से गुजरने वाले इस एक्सप्रेस-वे से वहां के स्थानों का निर्माण होगा। लेकिन यह एयर कनेक्टिविटी और हाईकोर्ट का विकल्प नहीं है।
- डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष भाजपा
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