बरामदगी के बहाने फायरिंग, फिर मुठभेड़
थाना प्रभारी सरधना मय पुलिस टीम जब आरोपी को नगला आर्डर के जंगल में लेकर पहुंचे, तो उसकी निशानदेही पर एक नीली पैंट (जो मृतक रिहान की बताई जा रही है) और हत्या में प्रयुक्त रस्सी एक कीकर के पेड़ के नीचे से बरामद की गई।
इसके बाद जब पुलिस अन्य सबूत जुटाने के लिए करीब 200 मीटर और आगे बढ़ी, तो असद ने झाड़ियों में छिपाकर रखा हुआ अवैध तमंचा निकालकर पुलिस पर जानलेवा हमला किया। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के दोनों पैरों के घुटनों के नीचे गोली लगी।
घायल असद को तत्काल सीएचसी भेजा गया जहां उसका इलाज चल रहा है। इस दौरान आरोपी से एक तमंचा, एक खोखा, एक रस्सी आलाकत्ल, एक और रस्सी एवं मृतक रिहान की मिट्टी में सनी नीली पैंट। इन दोनों ही मामलों में वह मासूम रिहान (11) और उवैश (14) की हत्या में नामजद है। दोनों बच्चों की हत्या तंत्र क्रिया के लिए की गई थी, जो आरोपी ने स्वीकार भी किया है।