3 सितंबर को बड़े आंदोलन का एलान
जगदंबा हॉस्पिटल के संचालक रविंद्र गुर्जर ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने 21 सितंबर तक किसी भी निर्माण को नहीं तोड़ने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद कुछ व्यापारियों को तीन सितंबर तक कथित अनधिकृत निर्माण हटाने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई नहीं होने पर तीन सितंबर से अभियान चलाने की बात अधिकारियों की ओर से कही गई है।
राहुल मलिक एडवोकेट, अंजनेय सिंह एडवोकेट और कंवलजीत सिंह समेत अन्य व्यापारियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी विधायक, मंत्री या सरकार के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई मकान, दुकान और रोजी-रोटी बचाने के साथ अपने अधिकारों के लिए है।
व्यापारियों ने 3 सितंबर के आंदोलन में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने का दावा किया है। उन्होंने 10 लाख लोगों के पहुंचने की बात कही और आंदोलन की तैयारियां शुरू करने का ऐलान किया।
कार्रवाई हुई तो पुरजोर विरोध की चेतावनी
व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि 3 सितंबर से पहले आवास एवं विकास परिषद की टीम किसी दुकान या मकान को तोड़ने पहुंचती है तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में मकान और दुकान नहीं तोड़ने दिए जाएंगे।
व्यापारियों ने अपने पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के आदेश और नई भवन निर्माण एवं विकास उपविधि का हवाला देते हुए राहत मिलने का दावा भी किया। उनका कहना है कि इन्हीं प्रावधानों के आधार पर उनके मकान और दुकानों को बचाने का रास्ता निकल सकता है।
आंदोलन में किसानों को भी जोड़ने की तैयारी
व्यापारियों ने कहा कि आंदोलन में किसान भी शामिल होंगे और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंचेंगे। इससे सेंट्रल मार्केट में चल रहा मकान-दुकान बचाओ आंदोलन और व्यापक होने की संभावना जताई जा रही है। बैठक में सुदीप जैन, राधा गुप्ता, प्रवीण रस्तोगी, विक्रम लांबा, प्रवीण शर्मा पिंकी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।