अधिकारियों और आरटीआई कार्यकर्ता के खिलाफ मोर्चा
पूर्व पार्षद संजीव पुंडीर ने कहा कि उनकी लड़ाई सरकार से नहीं बल्कि आवास विकास के अधिकारियों और आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना से है। वहीं पूर्व पार्षद सतीश गर्ग ने बताया कि जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है ताकि व्यापारियों का रोजगार बचाया जा सके।
बैठक में निकला समाधान का सुझाव
सर्किट हाउस में ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर, जिला प्रशासन और व्यापारियों के बीच बैठक भी हुई। अधिकारियों ने सुझाव दिया कि यदि व्यापारी अपनी दुकानों को करीब दस फुट पीछे कर लें तो नुकसान कम हो सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी कार्रवाई
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 27 जनवरी को अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए छह सप्ताह के भीतर ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। इस कार्रवाई की जद में करीब 1468 निर्माण हैं, जो मूल रूप से आवासीय हैं लेकिन वर्तमान में वहां दुकानें, शोरूम और कॉम्प्लेक्स संचालित हो रहे हैं। आवास एवं विकास परिषद ने 1200 से अधिक निर्माणकर्ताओं को नोटिस जारी कर दिए हैं और विभाग की टीमें लगातार निशान लगाने की कार्रवाई कर रही हैं।