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कपसाड़ कांड: पारस सोम नाबालिग या नहीं, कोर्ट में अब 10 मार्च को होगी सुनवाई, जेल में जताई ये इच्छा

Sat, 07 Mar 2026 11:01 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के कपसाड़ कांड के आरोपी पारस सोम को नाबालिग घोषित करने के मामले में किशोर न्याय बोर्ड में सुनवाई अब 10 मार्च को होगी। बचाव पक्ष ने हाईस्कूल की मार्कशीट के आधार पर उसे नाबालिग घोषित करने की मांग की है।

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कपसाड़ हत्याकांड, रूबी व पारस दाएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ के चर्चित कपसाड़ कांड के आरोपी पारस सोम को नाबालिग घोषित करने की मांग को लेकर मामला किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है। इस मामले में अगली सुनवाई अब 10 मार्च को तय की गई है। बचाव पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट की रुलिंग का हवाला देते हुए हाईस्कूल की मार्कशीट के आधार पर पारस सोम को नाबालिग घोषित करने की मांग की है।

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रुड़की रेलवे स्टेशन से हुई थी गिरफ्तारी
पारस सोम को पुलिस ने रुड़की रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही पुलिस ने रूबी को बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया था। इसके बाद आरोपी पारस सोम को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जिला कारागार भेज दिया गया।

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किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा मामला
पारस के परिजनों द्वारा दाखिल अर्जी के बाद यह मामला अब किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है। बोर्ड ने पारस सोम का हाईस्कूल रिकॉर्ड भी तलब किया है। अधिवक्ताओं के अनुसार किसी भी आरोपी की उम्र निर्धारित करने में हाईस्कूल की मार्कशीट महत्वपूर्ण दस्तावेज मानी जाती है।

पुलिस ने मांगी कस्टडी रिमांड
कपसाड़ कांड की जांच सीओ सरधना आशुतोष कुमार कर रहे हैं। बताया गया है कि कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य अभी पुलिस के हाथ नहीं लग पाए हैं। इसी कारण विवेचक ने कोर्ट में पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी दाखिल की है, जिस पर सुनवाई सात मार्च को होनी है।
 
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जेल में कंप्यूटर प्रशिक्षण लेने की इच्छा जताई
जिला कारागार में बंद पारस सोम ने कंप्यूटर प्रशिक्षण लेने की इच्छा जताई है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जेल में बंद आरोपियों को अपराध से दूर रखने के लिए कई प्रकार के प्रशिक्षण कोर्स चलाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि नया बैच शुरू होने पर पारस को भी उसकी इच्छा के अनुसार कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया जा सकता है।
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