सीसीएसयू की फर्जी मार्कशीट-डिग्री लगाकर 11 युवकों ने बिहार तकनीकी सेवा आयोग में मत्स्य विकास अधिकारी के पद पर नौकरी पा ली। सत्यापन हुआ तो मामला पकड़ में आया। वहीं गुजरात के नर्मदा में एक सेंटर से सीसीएसयू के नाम की फर्जी डिग्री 30 से 40 हजार रुपये में बेची जा रहीं थी।
शिकायत पर पुलिस ने विश्वविद्यालय से सत्यापन कराया तो 100 डिग्री-मार्कशीट का फर्जी पाई गई हैं। इसी तरह के तीसरे मामले में गुजरात के गांधी नगर में एक सेंटर सीसीएसयू के नाम की फर्जी डिग्री बांट रहा था। यहां की 10 डिग्री-मार्कशीट फर्जी मिली हैं।
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जब कोई युवा सरकारी या प्राइवेट नौकरी पाता है तो उसके प्रमाण पत्रों का संबंधित विश्वविद्यालय से सत्यापन कराया जाता है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) में रोजाना 30 से 40 डिग्री-मार्कशीट सत्यापन के लिए आती हैं। हाल ही के दिनों में हुए सत्यापन से खुलासा हुआ है कि जालसाज कंप्यूटर से युवाओं को सीसीएसयू की मार्कशीट-डिग्री की हुबहू कॉपी बनाकर दे देते हैं। इन युवाओं को लगता है कि वे इससे नौकरी पा लेंगे लेकिन सत्यापन में वे पकड़े जाते हैं। बिहार में भी ऐसा ही हुआ है। यहां 2021 में तकनीकी सेवा आयोग ने मत्स्य विकास अधिकारी के पदों पर भर्ती निकाली। इसमें 10 अभ्यर्थियों ने सीसीएसयू के नाम की फर्जी मार्कशीट-डिग्री लगाकर नौकरी पा ली।