हादसे के दौरान कुछ लोग सामने एक मकान के नीचे बैठे हुए थे, उन्होंने कार नाले में डूबने का शोर मचा दिया। कार डूबने की सूचना पर पार्षद पवन चौधरी और भाजपा नेता उत्तम सैनी भी मौके पर पहुंच गए।
सभी लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों को फोन करके बुलाने का प्रयास किया लेकिन डेढ़ घंटे तक कोई मौके पर नहीं पहुंचा। लोगों ने जैसे-तैसे युवक को कार से निकाला। इसके बाद नगर निगम की जेसीबी लगभग 2:30 बजे मौके पर पहुंची और कार को भी नाले से बाहर निकाला गया।
पार्षद पवन चौधरी का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारियों को कई बार नाले की दीवार के संबंध में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की जिसका परिणाम यह हुआ कि युवक की जान जाते-जाते बची है।