जमीन की कीमत 105 करोड़ 95 लाख 51 हजार रुपये तय की गई। उन्होंने जमीन की कीमत धीरे-धीरे देने की बात कही तो संजीव मित्तल ने कहा कि तीन करोड़ रुपये टोकन मनी देनी होगी। बाकी धनराशि बैनामे के समय दे देना। सभी पार्टनरों ने मिलकर कई किश्तों में 3.05 करोड़ रुपये संजीव मित्तल को टोकन मनी के रूप में दिए। वह जमीन देखने के लिए जब लिसाड़ी पहुंचे और माप कराने लगे तो वहां पर काफी लोग आ गए। इन लोगों ने कहा कि जमीन उनकी है।
शहजाद और उसके साथियों ने कहा कि यह जमीन संजीव मित्तल ने उन्हें बेचनी तय की है। जिस पर उन लोगों ने बताया कि इस भूमि का संजीव मित्तल से कोई संबंध नहीं है। इसके बाद कई बार प्रयास करने पर भी संजीव मित्तल नहीं मिला। जिससे उन्हें यकीन हो गया कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है।
वह किसी तरह संजीव मित्तल से मिले और कहा कि वह जमीन तुम्हारी नहीं है। हमारे रुपये वापस कर दो। जिस पर वह बहाने बनाने लगा। कई बार मांगने पर भी उसने पैसे नहीं दिए। अब वह पैसे मांगने पर धमकी देता है। पीड़ितों ने आरोपी के खिलाफ पूर्व एडीजी को प्रार्थना पत्र दिया था।
संजीव मित्तल के घर मिली थी करोड़ों की करेंसी
नोट बंदी के बाद संजीव मित्तल के घर पर करोड़ों रुपये की पुरानी करेंसी मिली थी। परतापुर पुलिस ने यह कार्रवाई की थी। बाद में आयकर टीम ने भी इस मामले में संज्ञान लिया था। अब एक बार फिर संजीव मित्तल सुर्खियों में आ गए हैं।