मेरठ के मवाना स्थित बसंत वैली पब्लिक स्कूल में कुणाल शर्मा कक्षा सात में पढ़ता था। स्कूल की छुट्टी होने पर सब बाहर आ गए, मगर कुणाल नहीं आया। इसी स्कूल में पढ़ने वाला छोटा भाई सचित उसने देखने गया, तो कुणाल अचेत अवस्था में पड़ा हुआ था।
मवाना नगर में बस स्टैंड पुलिस चौकी के सामने वाली गली में स्थित बसंत वैली पब्लिक स्कूल में सोमवार को एक दुखद घटना हुई। कक्षा सात के 13 वर्षीय छात्र कुणाल शर्मा की मौत हो गई। चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है। देर शाम परिजनों ने कानूनी कार्रवाई या पोस्टमार्टम से इंकार करते हुए छात्र का अंतिम संस्कार कर दिया।
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मोहल्ला काबली गेट, फलावदा रोड निवासी धर्मेंद्र शर्मा का पुत्र कुणाल शर्मा बसंत वैली पब्लिक स्कूल में कक्षा सात का छात्र था। सोमवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद जब अन्य बच्चे बाहर निकल गए, तब कुणाल ई-रिक्शा में नहीं पहुंचा। लगभग 15 मिनट इंतजार करने के बाद ई-रिक्शा चालक उसे तलाशने स्कूल के अंदर गया। कक्षा में कुणाल के न मिलने पर अन्य बच्चों से पता चला कि वह वॉशरूम गया था।
वॉशरूम का दरवाजा अंदर से बंद मिला और खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं आया, तो एक छात्र ने ऊपर से झांककर देखा। कुणाल अंदर जमीन पर अचेत अवस्था में पड़ा था। दरवाजा खोलकर उसे तुरंत बाहर निकाला गया और परिजनों को सूचित किया गया। स्कूल स्टाफ उसे तत्काल एक निजी चिकित्सक के पास ले गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भी ले गए, लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, मौत का कारण अचानक हृदय गति रुकना प्रतीत होता है।
देर शाम घटना की सूचना मिलने पर सीओ पंकज लवानिया और थाना प्रभारी ब्रह्म कुमार त्रिपाठी कुणाल के घर पहुंचे। हालांकि, परिजनों ने किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इसके बाद, गमगीन माहौल में देर शाम कुणाल का 'बेरियो वाले शमशान घाट' में अंतिम संस्कार कर दिया गया। कुणाल की अचानक हुई मौत से परिवार में मातम पसर गया है।
इसी स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ता है कुणाल का भाई सचित
कुणाल का छोटा भाई सचित भी इसी स्कूल में कक्षा पांच का छात्र है। दोनों भाई ई-रिक्शा से साथ ही स्कूल आते-जाते थे। सचित ने बताया कि स्कूल की छुट्टी होने के बाद वह कुणाल की कक्षा में उसका इंतजार कर रहा था। तभी ई-रिक्शा चालक उन्हें ढूंढने पहुंचा। इसके बाद सचित और एक छात्रा ने कुणाल को तलाशना शुरू किया, तो वह वॉशरूम में बेहोश मिला। यह देखकर सचित की चीख निकल गई। सचित ने दौड़कर शिक्षकों को जानकारी दी, जिसके बाद एक छात्र ने अंदर कूदकर वॉशरूम का दरवाजा खोला।
फैक्टरी में काम करते हैं पिता
कुणाल दो भाइयों और एक बहन में दूसरे नंबर पर था। उसकी बहन सबसे बड़ी और सचित सबसे छोटा है। कुणाल के पिता धर्मेंद्र शर्मा मेरठ की एक निजी फैक्ट्री में कार्यरत हैं। पिता ने बताया कि उनका बेटा रोज की तरह स्कूल गया था, जहां अचानक दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई।
ये बोले स्कूल के प्रधानाचार्य
स्कूल के निदेशक व प्रधानाचार्य अमित राणा ने बताया कि कुणाल को चिकित्सकों को दिखाया तो उन्होंने 'कार्डियक अरेस्ट' बताया। परिजनों को तुरंत सूचना दी गई तो वे बच्चे को मेरठ भी लेकर गए थे, लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुणाल नर्सरी कक्षा से ही उनके स्कूल में पढ़ रहा था। ये बोले सीओ
सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि कुणाल की स्कूल में अचानक हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गई है। परिजनों ने कार्रवाई से इंकार कर दिया है। पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।