सीसीटीवी फुटेज और स्वतंत्र गवाह पर उठाए सवाल
जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे के अनुसार, बचाव पक्ष की अधिवक्ता रेखा जैन ने अदालत में कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान थाने की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराई गई। साथ ही गिरफ्तारी और कथित बरामदगी के समय कोई स्वतंत्र गवाह भी मौजूद नहीं था।
बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि आरोपियों की निशानदेही पर नीले ड्रम से शव बरामद होने का दावा किया गया, लेकिन गिरफ्तारी से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों का पर्याप्त रिकॉर्ड अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया।
मुख्य गवाह के बयान पर भी सवाल
बहस के दौरान बचाव पक्ष ने मृतक सौरभ के भाई बबलू के बयान पर भी सवाल उठाए। अदालत में कहा गया कि प्राथमिकी दर्ज कराने के समय बबलू के साथ उसके मित्र भी मौजूद थे, लेकिन उनके बयान जांच में दर्ज नहीं किए गए।
संपत्ति विवाद का भी किया जिक्र
बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष यह दलील भी दोहराई कि प्राथमिकी संपत्ति विवाद के कारण दर्ज कराई गई। वहीं अभियोजन पक्ष इससे पहले अपने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपों को सही ठहराने का प्रयास कर चुका है। अब इस बहुचर्चित मामले में अंतिम बहस का दौर जारी है। अदालत में बुधवार को भी सुनवाई होगी।