छात्र विपुल भाकियू कार्यकर्ता है। 20 जनवरी को डिवाइडर रोड आईआईएमटी चौराहे पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने 27 हजार का चालान करते हुए उसकी बाइक सीज कर दी थी। पुलिस के मुताबिक चेकिंग में छात्र बाइक का कोई कागज नहीं दिखा सका और न ही उसके पास डीएल मिला।
वहीं कार्यकर्ताओं का कहना है कि बाइक दस साल पुरानी है। गाड़ी की फिटनेस कंप्लीट है। फिर 27 हजार का चालान क्यों किया गया। इसी बात को लेकर बाइक छोड़े जाने की मांग करते हुए बुधवार को भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी अन्य कार्यकर्ताओं के साथ थाने पहुंच गए। पुलिस से बाइक छोड़ने की बात कही। सुनवाई नहीं हुई तो कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए।
बाइक ले जाने और चालान की रकम नहीं भरने की चेतावनी दी। कुछ घंटे चले हंगामे के बाद सीओ सदर देहात नवीना शुक्ला थाने पहुंची। उन्होंने कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की। कई घंटे की बातचीत के बाद कार्यकर्ता मामले की जांच कराए जाने के आश्वासन पर माने और धरना समाप्त किया। धरने में हर्ष चहल, नरेश मवाना, बबलू, मोनू, अमित चौधरी व राजा मौजूद रहे।