मेरठ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम को लेकर रविवार को जहां मेरठ में कड़ा सुरक्षा का पहरा रहा। वहीं भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता को पुलिस ने मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया। इस दौरान भारतीयों कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई और वह नारेबाजी करने लगे।
भाकियू कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को कमिश्नरी के बाहर चौधरी चरण सिंह पार्क के सामने पहुंचा। जहां कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी।और एसपी क्राइम राम अर्ज के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक लिया।
एसपी क्राइम ने कहा कि कोई भी कार्यकर्ता कमिश्नरी में नहीं जा सकता। और ना ही अंदर जाने की परमिशन है। इस पर कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर पुलिस से तीखी नोकझोंक की और हंगामा कर दिया। कार्यकर्ता कमिश्नरी के बाहर बीच सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
भाकियू नेताओं ने कहा है कि किसानों की मांगे नहीं सुनी जा रही है। और प्रदेश सरकार किसानों का उत्पीड़न कर रही है। यह पुलिस की तानाशाही है। यदि किसान प्रदेश के मुख्यमंत्री से नहीं मिल सकते और पुलिस तानाशाही करे उन्हें डंडे के बल पर उनकी आवाज को दबाना चाहती है।
पुलिस के समझाने पर भी भाकियू कार्यकर्ता नहीं माने। जिसमें भारतीय किसान आंदोलन के नेता कुलदीप त्यागी व भाकियू कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और सभी को पुलिस सिविल लाइन थाने लेकर पहुंची है।