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Meerut: बिजली बंबा बाईपास होगा चौड़ा, बंबे के दूसरी ओर बनेगी सड़क, मेडा ने बनाया ये प्लान...

Tue, 12 Nov 2024 12:10 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

इस मार्ग पर स्थित रजबहे को पाटकर मार्ग चौड़ा करने की कवायद भी हुई, लेकिन अंजाम खास नहीं रहा। अभी बिजली बंबा बाईपास सात मीटर चौड़ा है, जिसे और चौड़ा करने की सख्त जरूरत है। 
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बिजली बंबा बाईपास - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिजली बंबा बाईपास को चौड़ा करने की अब नए सिरे से तैयारी होगी। सड़क के एक ओर बंबा है, तो दूसरी ओर खेत व खाली जमीन है। काफी स्थान पर रोड के लिए जमीन छोड़ी गई है। इसी तरफ सड़क बनाई जाएगी। किसानों को भी मुआवजा देने के बजाय फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) में मेडा (मेरठ विकास प्राधिकरण) छूट देगा। इसमें किसान स्वयं अथवा बिल्डर के जरिए निर्माण कराकर मुनाफा कमा सकेंगे। प्रयागराज में हाइकोर्ट के पास सड़क निर्माण इसी तरह से किया गया है।
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दिल्ली रोड पर रैपिड के काम के चलते निकलना मुश्किल हो गया है। शहर में आने के लिए बिजली बंबा बाईपास लाइफलाइन हो गया है। सामान्य दिनों में जहां 80 हजार से एक लाख तक वाहन निकलते हैं तो वहीं यातायात का दबाव बढ़कर डेढ़ लाख के करीब जा पहुंचा है। 20 साल से इनर रिंग रोड का सपना संजोया जा रहा है, वहीं इस मार्ग पर स्थित रजबहे को पाटकर मार्ग चौड़ा करने की कवायद भी हुई, लेकिन अंजाम खास नहीं रहा। अभी बिजली बंबा बाईपास सात मीटर चौड़ा है। पिछले बीस सालों में इसकी चौड़ाई दस फुट भी नहीं बढ़ाई जा सकी है।
 

मेरठ महायोजना-2031 हो चुकी लागू
मेरठ महायोजना-2031 को लागू किया जा चुका है। इसके तहत 318 गांवों के साथ ही मवाना, सरधना, हस्तिनापुर, लावड़, बहसूमा आदि नगरीय क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिस कारण 1043 वर्ग किलोमीटर की यह हो गई है। एनसीआर प्लान के मुताबिक साल 2001 में जनसंख्या 15 लाख 77 हजार 43 थी। इसके बाद वर्ष 2011 में जहां मेरठ की जनसंख्या 18 लाख 94 हजार 689 थी, जो 2021 में 23 लाख 62 हजार 519 आंकी गई। आबादी बढ़ने के बावजूद बिजली बंबा बाईपास को जरूरत के हिसाब से चौड़ा नहीं किया जा सका।
 

अभी रोड की चौड़ाई सात मीटर
वर्तमान में बिजली बंबा बाइपास की सड़क की चौड़ाई सात मीटर है। बिजली बंबा बाईपास पर जिस जगह रजबहा नहीं है, वहां पर दोनों तरफ अधिग्रहण के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से प्लान बनाया गया था। हापुड़ रोड से दिल्ली रोड तक बिजली बंबा बाइपास की लंबाई लगभग 7.5 किमी है। इसमें बिजली के पोल, कॉलोनी की आबादी, सड़क की चौड़ाई, दुकान, मकान, पेट्रोल पंप आदि सभी प्रकार के प्रतिष्ठानों की स्थिति को लेकर रिपोर्ट तैयार की गई थी, लेकिन सबकुछ कागजों में सिमटकर रह गया। अब नए सिरे से तैयारी की जा रही है।
 
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ये बोले मेडा उपाध्यक्ष
मेडा उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट (टीडीआर) उप विधि-2022 के तहत इसे चौड़ा किया जाएगा। इसके तहत किसानों को मुआवजे के स्थान पर एफएआर में छूट दी जाएगी। वह स्वयं अथवा बिल्डर के जरिए निर्माण कर इसका लाभ ले सकेंगे। एफएआर का लाभ केवल बिजली बंबा बाईपास पर ही नहीं, महायोजना क्षेत्र में लिया जा सकेगा।

 
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