फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेरठ: नगर निगम की बोर्ड बैठक में फिर हंगामा, भाजपा-बसपा पार्षद भिड़े

Wed, 14 Mar 2018 11:03 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
नगर निगम की बोर्ड बैठक में हंगामा
विज्ञापन

मेरठ नगर निगम की पुनरीक्षित बजट बोर्ड बैठक में जमकर हंगामा हुआ। पार्षद आपस में भिड़ गए और खूब धक्कामुक्की हुई। वहीं वंदेमातरम को लेकर राजनीति हुई तो राष्ट्रगान का भी अपमान किया गया। आधा घंटे में बैठक की कार्रवाई शुरू भी हुई और खत्म भी हो गई। इस दौरान बसपा पार्षद जहां बजट प्रस्ताव पास पास करते रहे, वहीं भाजपा पार्षद बैठक को अवैध बताते हुए नारेबाजी करते रहे। बाद में महापौर ने बैठक को निरस्त कर दिया।

विज्ञापन


मंगलवार को महापौर सुनीता वर्मा की अध्यक्षता और अपर नगरायुक्त अलीहसन कर्नी के संचालन में बोर्ड बैठक आयोजित की गई। महापौर के निर्देश पर वंदेमातरम का गायन हुआ। उसके बाद मुख्य वित्त एवं लेखा अधिकारी संतोष शर्मा ने बजट पर चर्चा की तो भाजपा पार्षद सुनीता प्रजापति ने सवाल किया कि जब विधानसभा और लोकसभा सत्र चल रहा हो तो क्या ऐसी स्थिति में बोर्ड बैठक हो सकती है। सुनीता प्रजापति के साथ विपिन जिंदल, ललित नागदेव, किशन कन्हैया, राकेश शर्मा, मुनीश चौधरी, संजय, संदीप रेवड़ी आदि भी खड़े हो गए। भाजपा पार्षद विपिन जिंदल ने कहा कि बोर्ड बैठक 17 मार्च को रख ली जाए। इस पर बसपा पार्षद गफ्फार, कासिम, सविता आदि ने भाजपा पार्षदों का विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और धक्कामुक्की होने लगी। इस पर पुलिस को बीच में आना पड़ा। उधर, महापौर सुनीता वर्मा सभी पार्षदों को शांत होने के लिए कहती रहीं, लेकिन वे हंगामा करते रहे। बसपा पार्षद बजट पास-पास कहते हुए अपनी सीटों से खड़े हो गए। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई।

15 मिनट के लिए स्थगित रही बैठक 
लोकसभा और विधानसभा सत्र के सवाल पर निर्णय लेने के लिए महापौर ने 15 मिनट के लिए बोर्ड बैठक स्थगित की। हालांकि इस दौरान अधिकारियों ने बोर्ड बैठक के लिए तर्क देने शुरू कर दिए। जिसको लेकर काफी हंगामा भी हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

वंदेमातरम् के दौरान फिर छोड़ा सदन

सदन में हंगामा
नगर निगम बोर्ड में वंदेमातरम् पर राजनीति अभी बंद नहीं हुई है। पूर्व में निगम कार्यकारिणी बजट बैठक के दौरान सभी मुस्लिम सदस्य वंदेमातरम् के दौरान सदन से बाहर नहीं गए थे। लेकिन इस बार फिर वंदेमातरम् शुरू होते ही मुस्लिम पार्षद सदन से बाहर जाने लगे। मुस्लिम महिला पार्षदों ने भी सदन छोड़ दिया। वहीं बोर्ड बैठक में राष्ट्रगान का भी खूब अपमान हुआ। जहां पार्षदों ने हंगामे के दौरान ही राष्ट्रगान शुरू कर दिया तो कुछ पार्षद वेल में आ गए तो कुछ अपनी कुर्सी के सामने रखी मेज पर चढ़ गए। मेज पर चढ़ने वालों में महिला पार्षद भी पीछे नहीं रहीं। राष्ट्रगान के दौरान कई पार्षद तो नारे ही लगाते रहे। 

नहीं हो सकती विधानसभा सत्र के दौरान बोर्ड बैठक 
शासनादेश के मुताबिक मंडल जिला स्तर पर गठित समितियां जिसमें सांसद, विधायक पदेन सदस्य हों, तो ऐसी स्थिति में संसद, राज्य विधान मंडल सत्र की अवधि के दौरान बैठक आयोजित नहीं की जा सकती। यदि ऐसी बैठकों का आयोजन किया जाना अपरिहार्य हो तो बैठक तभी होगी जब लोकसभा, राज्यसभा अथवा राज्य विधान मंडल का अधिवेशन लगातार तीन दिन के लिए स्थगित हो। 2010 में प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दूबे के इस आदेश का संज्ञान लिए जाने के बाद मंगलवार में आयोजित की गई बैठक को निरस्त किया गया।  

17 को होगी पुनरीक्षित बजट बैठक 
महापौर सुनीता वर्मा ने कहा कि बोर्ड बैठक से पहले अधिकारियों को शासन के आदेश की जानकारी देनी चाहिए थी। अब शासन के आदेश का संज्ञान लिया गया है। ऐसे में पुनरीक्षित बजट बोर्ड बैठक विधिवत रूप से 17 मार्च को होगी। 

बैठक में ये रहे उपस्थित 
लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता नीना सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुंवरसेन, पार्षद रंजन शर्मा, सचिन त्यागी, बीना, राजीव काले, रेनू सैनी, राजेश खन्ना, नीरज सिंह, तुलसीवती, सुमन, शौकत अली, रंगीता, हाजी सईद, अहसान अंसारी, इकरामुद्दीन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें