नगर निगम बोर्ड में वंदेमातरम् पर राजनीति अभी बंद नहीं हुई है। पूर्व में निगम कार्यकारिणी बजट बैठक के दौरान सभी मुस्लिम सदस्य वंदेमातरम् के दौरान सदन से बाहर नहीं गए थे। लेकिन इस बार फिर वंदेमातरम् शुरू होते ही मुस्लिम पार्षद सदन से बाहर जाने लगे। मुस्लिम महिला पार्षदों ने भी सदन छोड़ दिया। वहीं बोर्ड बैठक में राष्ट्रगान का भी खूब अपमान हुआ। जहां पार्षदों ने हंगामे के दौरान ही राष्ट्रगान शुरू कर दिया तो कुछ पार्षद वेल में आ गए तो कुछ अपनी कुर्सी के सामने रखी मेज पर चढ़ गए। मेज पर चढ़ने वालों में महिला पार्षद भी पीछे नहीं रहीं। राष्ट्रगान के दौरान कई पार्षद तो नारे ही लगाते रहे।
नहीं हो सकती विधानसभा सत्र के दौरान बोर्ड बैठक
शासनादेश के मुताबिक मंडल जिला स्तर पर गठित समितियां जिसमें सांसद, विधायक पदेन सदस्य हों, तो ऐसी स्थिति में संसद, राज्य विधान मंडल सत्र की अवधि के दौरान बैठक आयोजित नहीं की जा सकती। यदि ऐसी बैठकों का आयोजन किया जाना अपरिहार्य हो तो बैठक तभी होगी जब लोकसभा, राज्यसभा अथवा राज्य विधान मंडल का अधिवेशन लगातार तीन दिन के लिए स्थगित हो। 2010 में प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दूबे के इस आदेश का संज्ञान लिए जाने के बाद मंगलवार में आयोजित की गई बैठक को निरस्त किया गया।
17 को होगी पुनरीक्षित बजट बैठक
महापौर सुनीता वर्मा ने कहा कि बोर्ड बैठक से पहले अधिकारियों को शासन के आदेश की जानकारी देनी चाहिए थी। अब शासन के आदेश का संज्ञान लिया गया है। ऐसे में पुनरीक्षित बजट बोर्ड बैठक विधिवत रूप से 17 मार्च को होगी।
बैठक में ये रहे उपस्थित
लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता नीना सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुंवरसेन, पार्षद रंजन शर्मा, सचिन त्यागी, बीना, राजीव काले, रेनू सैनी, राजेश खन्ना, नीरज सिंह, तुलसीवती, सुमन, शौकत अली, रंगीता, हाजी सईद, अहसान अंसारी, इकरामुद्दीन आदि मौजूद रहे।