संवाद न्यूज एजेंसी
जानीखुर्द। मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे पर स्थित जानी खुर्द में स्ट्रीट लाइटें शोपीस बनकर रह गई हैं। पिछले डेढ़ साल से लाइटें खराब होने के कारण हाईवे पर रात के समय घोर अंधेरा छाया रहता है। इससे न केवल वाहन चालकों को परेशानी हो रही है बल्कि पैदल चलने वाले ग्रामीणों के लिए भी हादसे का खतरा बढ़ गया है।
जानी कस्बे में मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे पर लगी स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हुई हैं। रात ढलते ही पूरा इलाका अंधेरे के आगोश में समा जाता है। वाहन चालकों का कहना है कि डिवाइडर और सड़क किनारे खड़े पशु अंधेरे के कारण दिखाई नहीं देते जिससे अचानक ब्रेक मारने पर पीछे से आने वाले वाहनों के टकराने का डर बना रहता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि हाईवे पर रोशनी न होने से चोरी और झपटमारी जैसी घटनाओं का अंदेशा भी बढ़ गया है। देर रात काम से लौटने वाले मजदूरों और व्यापारियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि एनएचएआई को सूचना देने के बावजूद अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया।
सड़क पार करने में लगता है डर
लाखों की लागत से लाइटें लगाई गई थीं लेकिन रखरखाव के अभाव में ये खराब पड़ी हैं। अंधेरे की वजह से लोग सड़क पार करने में भी डरते हैं। -डाॅ. विरेंद्र कुमार मिश्रा, स्थानीय निवासी
सुधार नहीं तो होगा प्रदर्शन
हाईवे पर रोशनी की व्यवस्था करना एनएचएआई की जिम्मेदारी है। अगर जल्द लाइटें ठीक नहीं हुईं तो उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत की जाएगी। अगर तब भी ठीक नहीं की गई तो धरना प्रर्दशन किया जाएगा - शफीक अहमद, पूर्व जिला पंचायत सदस्य
जानीखुर्द। स्थानिय निवासी डाक्टर विरेन्द्र कुमार मिश्रा फोटो संवाद