सीओ सिविल लाइन अरविंद चौरसिया ने बताया कि पकड़ी गई तीनों युवतियां फरार हुए दोनों आरोपियों के परिवार से ही हैं। इसमें शिवानी नाम की युवती ने बताया कि वह आशु की पत्नी है। अन्य दोनों युवतियां भी आशु की बहनें हैं।
पूरा परिवार मिलकर करीब चार माह से ठगी का धंधा कर रहा था। जब भी कोई युवक उनके झांसे में आता था तो शिवानी और और अन्य दोनों युवतियों के फोटो दिखाए जाते थे और फिर उन्हें सामने लाकर मिलवाया जाता था।
सीओ के अनुसार शादी करने वाला युवक तीनों युवतियों में जिसे भी पसंद करता था, वह हामी भर देती थी और फिर युवक से फीस और शगुन के नाम पर रुपये ठग लिए जाते थे।
इस प्रकरण में गाजियाबाद के प्रताप विहार निवासी रामानंद पाठक ने मेडिकल थाने में केस दर्ज कराया था। रामानंद पाठक और उसके परिवार ने शिवानी को पसंद किया था, जिसके बाद उनसे रकम ठगी गई थी।
डायरी में है ठगी के शिकार हुए युवकों की सूची
जिस समय पुलिस ने फर्जी मैरिज ब्यूरो पर छापेमारी की तो वहां तलाशी भी ली गई। इस दौरान एक डायरी भी बरामद हुई है। बताया जा रहा है कि उस डायरी में काफी लोगों के नाम और नंबर है, जिन्हें इस गिरोह ने अपना शिकार बनाया हैं। ऐसे में अब पुलिस उन नंबरों पर संपर्क कर रही है, जिससे यह पता चल सके कि कुल मिलाकर कितने लोगों से ठगी हुई है और कितनी रकम ठगी गई है।
शादी के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाली साइट से उठाते थे रिकॉर्ड
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य उन वेबसाइट पर निगाह रखते थे, जिन पर शादी के लिए युवक-युवती अपनी प्रोफाइल अपलोड कर रजिस्ट्रेशन कराते थे। गाजियाबाद के रामानंद पाठक का रिकॉर्ड भी उन्होंने एक वेबसाइट से ही उठाया था। इसके बाद उसे कॉल कर मेरठ बुलाया और अपना शिकार बना लिया था।
यह था मामला...
मेडिकल थाना पुलिस ने रविवार शाम तेजगढ़ी के पास लव बाइट नाम से चल रहे फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़ किया था। मौके से तीन युवतियों को पकड़ा गया था, जबकि सरगना आशु और एक अन्य वहां से फरार हो गए थे। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।