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मेरठ: जम्मू से अवकाश पर आए सेना के हवलदार की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

Mon, 21 Sep 2026 12:28 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

जम्मू से अवकाश पर मेरठ आए सेना के हवलदार ललित कुमार की मौत के बाद परिजनों ने पत्नी, ससुराल वालों और नशा मुक्ति केंद्र संचालक पर हत्या का आरोप लगाया है।
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हवलदार ललित कुमार व शिकायत करने पहुंचीं ललित की मां और अन्य परिजन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गौतमबुद्ध नगर के अहमदपुर चौरोली गांव निवासी परिजनों ने सेना के हवलदार ललित कुमार (38) की मौत के बाद पत्नी, ससुराल वालों और नशा मुक्ति केंद्र संचालक पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि जम्मू से हवलदार ललित अवकाश लेकर घर आए थे। 

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इसके बाद उन्हेें ससुराल वालों ने मेरठ के नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया गया। पत्नी ने पहले हार्ट अटैक और फिर मौत की सूचना दी। शरीर पर चोटों के निशान देखने के बाद परिजनों ने रविवार रात हत्या का आरोप लगाते हुए टीपीनगर थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

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गौतमबुद्ध नगर के जेवर स्थित अहमदपुर चौरौली निवासी ललित कुमार के परिजन रविवार रात टीपीनगर थाने पहुंचे। ललित कुमार की मां सुमन बाला ने थाने में दी तहरीर में बताया कि उनका बेटा सेना में हवलदार के पद पर जम्मू की 43 राजरिफ बटालियन में तैनात था। ललित दो सितंबर से 29 सितंबर तक सेना के अधिकारियोें से अवकाश लेकर बुलंदशहर के आवास विकास कॉलोनी स्थित घर आया था। 

वह पिछले 10 वर्षों से अपनी पत्नी और दो बेटियों (10 वर्ष और 5 वर्ष) के साथ आवास विकास कॉलोनी में रह रहे थे। 18 सितंबर 2026 की सुबह लगभग 7:45 बजे उनकी पत्नी ने परिजनों को फोन कर बताया कि ललित को हार्ट अटैक आया है और आधे घंटे बाद उसकी मौत की सूचना दी। परिजन मेरठ स्थित सुभारती मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो वहां ललित की पत्नी, उसके रिश्तेदार (बहन, जीजा, भाई, पिता, चाचा) व एक पड़ोसी मौजूद थे। 

बेटियां खोल सकती है पिता की मौत का राज
ललित कुमार दोनों बेटियां अपनी मां के साथ हैं। उनके पिता सेना में तैनात होकर देश सेवा कर रहे थे। अवकाश पर आने के दौरान ऐसा क्या हुआ कि उनके पिता के साथ ड्यूटी से आने के बाद ऐसा क्या हुआ कि उनकी जान चली गईं। दोनों बेटियां इस संबंध में जानकारी दे सकती हैं। 

चोट के निशान देखकर कराया पोस्टमार्टम
परिजनों का आरोप है कि जब वह सुभारती अस्पताल में मौजूद ससुराल पक्ष के लोगों ने बताया कि ललित को शराब पीने की आदत के कारण 16 सितंबर को टीपीनगर थाना क्षेत्र स्थित आशी फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। सुमन बाला ने बताया कि ललित के पैर, घुटने, पेट, पसली, छाती, गर्दन, कनपटी, आंख, नाक, माथे और कमर पर गंभीर चोटों के निशान थे।

परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने की बात कही तो ससुराल पक्ष के लोगों ने इसका विरोध किया। सेना के अधिकारियों के हस्तक्षेप और परिजनों की जिद के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद ललित के शव को गांव ले जाकर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनोें ने इस मामले में बुलंदशहर पुलिस से भी शिकायत की थी लेकिन वहां की पुलिस ने मेरठ में मौत होने के कारण परिजनों को टीपीनगर थाने जाने की सलाह दी।
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प्राथमिकी दर्ज करने की मांग 
ललित कुमार के ताऊ के बेटे एडवोकेट पवन ने बताया कि ललित की साजिश रचकर हत्या की गई है। इस मामले में थाना पुलिस को ललित की पत्नी, अन्य ससुराल वाले और नशा मुक्ति केंद्र वालों के खिलाफ तहरीर दी गई है। वहीं, नशा मुक्ति केेंद्र के संचालक ने परिजनों को बताया कि ललित को जब नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। उस दौरान उसे चोट लगी हुईं थीं। पुलिस परिजन व नशा मुक्ति केंद्र संचालकों से पूछताछ कर रही है।
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