एसटीएफ और लालकुर्ती पुलिस ने टेलीफोन एक्सचेंज के पास से मेरठ के खैरनगर निवासी तजम्मुल को गिरफ्तार किया। उसके पास से बरामद बैग में भारी मात्रा में असलहा था। उसकी निशानदेही पर हथियार बनाने के उपकरण भी बरामद किए गए। ये असलहा मुजफ्फरनगर में सप्लाई किया जाना था।
उत्तर प्रदेश एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त अभियान में मेरठ के लालकुर्ती क्षेत्र से अवैध हथियार बनाने व उनकी सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के शातिर सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और उन्हें बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। यह तस्कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में हथियारों की खेप पहुंचाता था।
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अपर पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ) बृजेश कुमार सिंह मेरठ के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार रात एसटीएफ को मुखबिर से अहम सूचना मिली। सूचना थी कि बीएसएनएल ऑफिस से मॉल रोड जाने वाले रास्ते पर कूड़ाघर के पास एक व्यक्ति अवैध हथियारों के साथ खड़ा है।
इस इनपुट पर त्वरित कार्रवाई करते उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार की टीम ने लालकुर्ती पुलिस को साथ लेकर रात करीब 10:50 बजे मौके पर घेराबंदी की। मुखबिर की निशानदेही पर टीम ने एक व्यक्ति को धर दबोचा, जिसके एक हाथ में हथियारों से भरा बैग और दूसरे हाथ में वेल्डिंग मशीन थी। बैग की तलाशी लेने पर उसमें से हथियारों का जखीरा बरामद हुआ। गिरफ्तार तजम्मुल पुत्र नसीम निवासी हुसैन वाली गली, खैरनगर, थाना देहलीगेट मेरठ है।
पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे
गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ की पूछताछ में तजम्मुल ने कई खुलासे किए। उसने बताया कि वह पिछले पांच साल से अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध हथियार बनाने और पश्चिमी यूपी में सप्लाई करने का काम कर रहा है। 315 बोर का तमंचा 4000 से 5000 रुपये में बेचा जाता था। वर्तमान में वह लालकुर्ती के छोटा बाजार में अपने भाई के घर पर किराए के मकान में रहकर यह अवैध हथियार बना रहा था। गिरफ्तारी के वक्त वह इन हथियारों को मुजफ्फरनगर ले जाने के लिए अपने साथियों का इंतजार कर रहा था।
ये सामान किया बरामद
पुलिस टीम ने आरोपी के पास से हथियार बनाने की पूरी मिनी-फैक्ट्री बरामद की है। 21 तमंचे (315 बोर), 1 वेल्डिंग मशीन, 23 वेल्डिंग रॉड, 11 आरी के पत्ते, 1 हथौड़ी, 2 रेती, 1 शिकंजा, 1 मोबाइल फोन।
जेल से छूटते ही फिर शुरू किया धंधा
वर्ष 2022 में भी एसटीएफ ने उसे मुजफ्फरनगर के चरथावल इलाके से 37 अवैध तमंचों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लेकिन जेल से बाहर आते ही उसने फिर से इसी अवैध कारोबार में अपने पैर जमा लिए।