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बिगड़ी अर्थव्यवस्था को पोषण देगा खेल उद्योग, पढ़िए अमर उजाला की ये खास रिपोर्ट

Mon, 31 Aug 2020 07:28 PM IST
कपिल kapil शालू अग्रवाल, अमर उजाला, मेरठ
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शेखर भल्ला, निदेशक, भल्ला स्पोर्ट्स और राकेश कोहली, निदेशक, स्टैग इंटरनेशनल - फोटो : अमर उजाला
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बिगड़ी अर्थव्यवस्था की सेहत सुधारने में मेरठ शहर का खेल और फिटनेस उद्योग महती भूमिका निभाएगा। सरकार ने आगामी पांच वर्षों के लिए 24 सेक्टरों में 20 लाख करोड़ का मैन्यूफैक्चरिंग लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य के लिए देशभर से चुने गए 24 सेक्टरों में उत्तर प्रदेश में मेरठ का खेल और फिटनेस कारोबार शामिल किया गया है। खेल और फिटनेस उपकरण कारोबार में बड़े निवेश के जरिये उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जाएगा, जिससे निर्यात बढ़ेगा और और राजस्व में भी बढ़ोत्तरी होगी। सरकार ने खेल उपकरण निर्माताओं से ऑनलाइन मीटिंग के माध्यम से इस क्षेत्र की जरूरतें व अनिवार्यताओं के लिए जानकारी लेनी शुरू कर दी है।

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मेरठ का खेल उपकरण उद्योग अब सरकार के मैन्यूफैक्चरिंग लक्ष्यों की पूर्ति करेगा। हालांकि, खेल कारोबारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में बड़ा निवेश हो और साथ ही अच्छा औद्योगिक माहौल मिलना जरूरी है। सरकार ने उद्योग में मैन्यूफैक्चरिंग का लक्ष्य तो तय कर लिया है, मगर इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए क्या सुविधाएं देगी यह तय नहीं किया है। उद्यमियों के अनुसार, सुविधाओं के बिना यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सकेगा।

सस्ती बिजली और जमीन मिले
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए खेल उपकरण व फिटनेस कारोबार के लिए प्रदेश सरकार को सस्ती बिजली व सस्ती दर पर जमीन देने की बात कही है। ताकि उत्पादन क्षमता विकसित हो और निर्यात बढ़े। कहा, नोडल अधिकारी नियुक्त कर कमेटी का गठन भी किया जाए।
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खेल उद्यमियों ने दिया यह फीडबैक
खेल उपकरण निर्माताओं व फिटनेस उद्योग से जुड़े उद्यमियों की लगातार वाणिज्य मंत्रालय, खेल मंत्रालय और निर्यात मंत्रालय के साथ ऑनलाइन बैठक हो रही है। बैठक में निर्माताओं ने अपना फीडबैक दिया है और खेल उद्योग को बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए जाएं, इस पर मांगे भी बताई हैं।

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खेल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ये हैं मांगें
- खेल उद्योग में निवेश किया जाए, निवेशकों को लाभ मिलेगा तभी निवेशक इस उद्योग से जुड़ेंगे और पूंजी आएगी।
- सस्ती दरों पर जमीन मिले। निर्यात में छूट जैसे बैंक ब्याज में छूट दें। सस्ती दरों पर लोन या ब्याज रहित लोन दिया जाए।
- टेक्सटाइल की तरह लेबर इन्सेंटिव खेल कारोबार में मिले।
- इंफ्रास्ट्रक्चर, कच्चा माल, जीएसटी रिफंड की समस्या दूर हो।
- निर्यात जैसे घरेलू कारोबार व ट्रेडफेयर में छूट मिले।
- चीन व अन्य देशों की तरह अंतरराष्ट्रीय खेल इवेंट में जाने के लिए सरकार कंपनियों को बढ़ावा दे। 
- अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में कंपनियों को टेबल उपलब्ध कराए।
- खेल उत्पादों के शोध एवं विकास पर काम हो।

मुख्य बिंदु
- मेरठ में 3500 से अधिक खेल एवं फिटनेस उपकरण इकाइयां संचालित।
- जिले की 20 बड़ी कंपनियां करती हैं निर्यात
- बल्ला, क्रिकेट किट, गेंद, टेबल टेनिस, एथलेटिक्स, जिम व फिटनेस कारोबार का बड़ा हब।
- विश्व स्तरीय सभी खेल मुकाबलों में जाते हैं यहां से उपकरण।

क्या बोले कारोबारी
खेल कारोबार को बढ़ाने के लिए अलग से खेल उद्योग मंत्रालय बने या फिर खेल मंत्रालय से इसे जोड़ें तो खेल मंत्रालय को उद्योग के अधिकार दिए जाएं। - राकेश कोहली, निदेशक, स्टैग इंटरनेशनल

खेलों को करिकुलम में अनिवार्य किया जाए। विदेशों में यही सिस्टम है। तभी खेलों को बढ़ावा मिलेगा। ग्राउंड वर्क्स पॉलिसी पर काम हो। आपसी प्रतियोगिता की जगह एक कंपनी एक काम का सिस्टम लागू हो। - अंबर आनंद, निदेशक, नेलको इंटरनेशनल

खेल और फिटनेस उपकरण कारोबार को बढ़ावा देने के लिए यहां खेल विवि का होना जरूरी है। तभी उपकरणों पर लगातार शोध होगा। खिलाड़ी की जरूरत मुताबिक नए उपकरण बनेंगे, जो उद्योग को और बढ़ाएंगे। गुणवत्ता भी बढ़ेगी। - शेखर भल्ला, निदेशक, भल्ला स्पोर्ट्स

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