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खुशखबर: पूरा होगा सपना, मेरठ से लखनऊ के लिए उड़ान भरेगा 18 सीटर हवाई जहाज

Tue, 12 Feb 2019 09:53 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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फाइल फोटो
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डॉ. भीमराव आंबेडकर हवाई पट्टी मेरठ से हवाई उड़ान का सपना कुंभ स्नान के दौरान ही पूरा हो सकता है। अब तक क्षेत्रीय उड़ान योजना की बिड से बाहर चल रहे मेरठ को 8 फरवरी में जारी की गई बिड में शामिल कर लिया गया है। इस बिड में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 50 रूट जारी किए हैं, जिनमें मेरठ से इलाहाबाद और लखनऊ का रूट शामिल है। 

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मेरठ से हवाई उड़ान को लेकर पांच साल से कवायद चल रही है। पूर्व केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री चौ. अजित सिंह ने मेरठ में हवाई अड्डे की घोषणा की थी, लेकिन सपा सरकार द्वारा जमीन उपलब्ध कराने में बरती गई उदासीनता के कारण मामला फंस गया। इसके बाद भाजपा सरकार भी इस तरफ अपेक्षित ध्यान नहीं दे पाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घोषणा जरूर करते रहे। जब अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जेवर में घोषित हुआ तो रही सही उम्मीद भी धराशायी हो गयी। सरकार की क्षेत्रीय उड़ान योजना लागू करने के बाद एक बार फिर उम्मीद जगी। लेकिन पिछली तीन बिड में मेरठ का नाम शामिल नहीं हुआ।

पिछले दिनों भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु से मिले और क्षेत्रीय उड़ान के साथ ही हाल ही में कुंभ के दृष्टिगत छोटे विमान उड़ाने की पुरजोर मांग रखी। इस वार्ता का परिणाम सकारात्मक रहा और सुरेश प्रभु ने प्रयागराज और लखनऊ तक छोटे विमान उड़ाने पर सहमति जता दी। इसके बाद भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल और विधायक डॉ. सोमेंद्र तोमर, दिनेश खटीक, सत्यवीर त्यागी आदि ने भी हवाई उड़ान को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार पर दबाव बनाया। सभी ने लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत इसे चुनाव से पहले शुरू करने पर जोर दिया, जिसके चलते 8 फरवरी को जारी हुई बिड 3.1 में मेरठ को भी शामिल किया गया। मंगलवार को भी इस मामले में सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा से मुलाकात कर शीघ्र हवाई उड़ान शुरू कराने की मांग दोहराई। 

शीघ्र उड़ान में नहीं दिक्कत 
डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि उनका प्रयास फरवरी अंत या मार्च के पहले सप्ताह में 18 सीटर विमान प्रयागराज और लखनऊ तक शुरू कराने का है। इसके लिए आरसीएस के जीएम जितेंद्र कुमार और प्रदेश के नागरिक उड्डयन सचिव सूर्यप्रकाश गंगवार से बात हुई है। शीघ्र ही छोटे विमान उड़ाने पर सहमति बन रही है। इसके लिए सिर्फ चार संसाधनों कंट्रोल रूम, सुरक्षा, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की जरूरत होगी। इसमें भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के पास टेंपरेरी कंट्रोल रूम की व्यवस्था होती है, जो यहां स्थापित कर दिया जायेगा। जबकि प्रदेश शासन के निर्देश पर सुरक्षा, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था स्थानीय प्रशासन करायेगा।
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फरवरी में तय हो जायेगी कंपनी 
हवाई उड़ान के लिए बिड 26 फरवरी को खुलेगी, जिसमें तय हो जायेगा कि कौन सी कंपनी यहां हवाई उड़ान की सेवा देगी। फिलहाल आने वाले खर्च और यात्री किराये के अंतर की भरपाई का मसौदा तैयार हो रहा है, जिसमें बड़ा अंश केंद्र तो छोटा अंश प्रदेश सरकार देगी। उम्मीद की जा रही है कि मेरठ से प्रयागराज और लखनऊ तक की उड़ान का किराया 4000 से 5000 हजार के बीच होगा। 

माकूल है हवाई पट्टी 
डॉ. भीमराव आंबेडकर हवाई पट्टी वर्तमान में 1513 मीटर लंबी और 23 मीटर चौड़ी है, जिस पर 18 सीटर विमान उड़ान भर सकते हैं। बस हवाई पट्टी के रनवे पर हल्की मरम्मत की जरूरत है।

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