यह रहा क्षेत्रवार प्रदूषण स्तर (गुरुवार सुबह 11 बजे तक)
मेरठ – 317
जय भीम नगर – 358
पल्लवपुरम – 342
दिल्ली रोड – 320
केसरगंज – 310
गंगानगर – 251
बागपत – 315
मुजफ्फरनगर – 260
बुलंदशहर – 330
गाजियाबाद – 370
ग्रेटर नोएडा – 374
नोएडा – 410
दिल्ली – 404
धूप निकलने के बाद भी हवा में धुंध और स्मॉग का असर बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह से ही आसमान में हल्की धुंध छाई रही जिससे दृश्यता भी कुछ समय तक प्रभावित रही।
मौसम वैज्ञानिक बोले-राहत के आसार नहीं
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यू.पी. शाही ने बताया कि अभी कुछ दिनों तक मौसम का यही मिजाज रहेगा। ठंड में लगातार बढ़ोतरी होगी लेकिन हवा की दिशा और गति में बदलाव न होने से प्रदूषण से राहत की संभावना फिलहाल कम है।
प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास फेल
नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सड़कों पर पानी छिड़काव और निर्माण स्थलों की मॉनिटरिंग के प्रयास किए जा रहे हैं, मगर हालात अब भी बिगड़ते जा रहे हैं। धूल, वाहनों का धुआं और पराली जलने की घटनाओं से वायु गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जिन लोगों को सांस की समस्या, अस्थमा या हृदय संबंधी बीमारियां हैं, उन्हें सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए।