बैंडबाजा व खेल उद्योग के साथ ही निर्माण इकाइयां और स्मॉल इंडस्ट्री को बढ़ाने की रूपरेखा खींची गई। इसमें एग्रो बेस्ड यूनिट, कॉटन टेक्सटाइल्स, रेडीमेड कपड़े, फर्नीचर, शुगर इंडस्ट्रीज, पेपर मिल, मिनरल, मेटल इंजीनियरिंग आदि उद्योगों को भी शामिल किया गया। इन सभी उद्योग और इंडस्ट्री में होने वाला 30 हजार 205 टन का उत्पादन 2042 में बढ़कर 64 हजार 111 टन होने की संभावना है।
सीएलपी के तहत शहर को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने, कम कीमत में परिवहन सुलभ होने, शहर में यातायात का दबाव कम करने के लिए फोकस करते हुए 2042 तक वाहनों की संख्या व दबाव भी दोगुना होने का दावा किया गया है।
मेडा सचिव चंद्रपाल तिवारी तथा नगर नियोजक विजय कुमार सिंह ने बताया कि सीएलपी का प्रजेंटेशन हुआ और इसके विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। आए गए सुझावों तथा क्रियान्वयन को लेकर नीति बनेगी।
इस तरह होगा सीएलपी पर काम
-रोड नेटवर्क के लिए 1480 करोड़ रुपए से 110 किमी. मार्ग का निर्माण।
-130 करोड़ की लागत से 8 ट्रक टर्मिनल, लॉजिस्टिक पार्क व वेयरहाउस बनेंगे।
-530 करोड़ से दो मॉडल लॉजिस्टिक पार्क व लॉजस्टिक पार्क का निर्माण।
-12 करोड़ से 5 इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम मेजर स्थापित होंगे।
-12 करोड़ से कम उत्सर्जन क्षमता के दो जोन विकसित होंगे।
हापुड़ रोड, दौराला, परतापुर में बनेंगे लॉजिस्टिक पार्क
ट्रांसपोर्ट नगर में रोजाना 12 हजार ट्रक की आवाजाही होती है। यहां सड़क पर ट्रक खड़े रहते हैं, डिजाइन पार्किंग की कमी, सड़कों की खराब स्थिति तथा टीपी नगर के शहर के बीचोंबीच होने पर भी ऐतराज जताया गया है। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क के तहत टीपी नगर में 39.06 हेक्टेयर, दौराला में दो हिस्सों में 38.5 तथा 46.2 हेक्टेयर में ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने और वेयरहाउस बनाने का प्रस्ताव है।
वहीं ट्रांसपोर्ट नगर के लिए 135.37 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता वर्ष 2042 में बताई गई है। इसके लिए दौराला में 54.10 हेक्टेयर, हापुड़ रोड पर 81.27 हेक्टेयर में लॉजिस्टिक पार्क बनाने का प्रस्ताव रखा गया। मास्टर प्लान-2031 में भी दौराला में लॉजिस्टिक पार्क का प्रस्ताव रखा गया। परतापुर में पहले से ही इंडस्ट्रीयल एस्टेट होने से इसे बढ़ावा मिलेगा। हापुड़ रोड पर भी इंडस्ट्रीयल एस्टेट की पैरवी की गई।