फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut: फीस में धोखाधड़ी करने का आरोप, पांच छात्रों को स्कूल आने से रोका, प्रिंसिपल ने कह दी ये बात

Sun, 30 Nov 2025 10:35 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

गांवडी गांव निवासी सुशील कुमार के पांच बच्चे बाईपास स्थित कालका पब्लिक स्कूल में पढ़ते हैं। उनका कहना है कि प्रिंसिपल ने उनसे पूरे साल की फीस के तौर पर 1.60 लाख रुपये ले लिए। वहीं प्रिंसिपल ने आरोपों को झूठा बताया है। 
विज्ञापन
फ्रॉड। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गांवडी गांव निवासी सुशील कुमार ने परतापुर बाईपास स्थित कालका पब्लिक स्कूल पर छात्रों की फीस में धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक प्रधानाचार्य ने ऑफिस बुलाकर फीस में छूट देने की बात कहकर एक लाख 80 हजार रुपये ले लिए और अब फीस देने की बात नकारते हुए पांच छात्रों को स्कूल आने से रोक दिया गया है। इस मामले में शनिवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचकर शिकायत की गई है।
विज्ञापन

शिकायत में सुशील कुमार ने बताया कि कालका पब्लिक स्कूल में उनकी बेटी जाह्नवी (कक्षा 11), बेटा मंजीत (कक्षा 10), मानवी (कक्षा 8), मोनी (कक्षा 6) और यशमित (कक्षा दो) के विद्यार्थी हैं। कुछ महीनों पहले आर्थिक परेशानी के चलते वह स्कूल की फीस नही जमा कर सके थे। इसके बाद स्कूल प्रधानाचार्य कुलदीप प्रताप सिंह ने फीस जमा करने का दबाव बनाया और उनसे एक साथ पूरी फीस जमा कराने पर छूट देने की बात कही।
 

सुशील के अनुसार उन्होंने इसी साल फरवरी में प्रधानाचार्य के ऑफिस में एक लाख 80 हजार रुपये नकद दिए थे। इस पर कहा गया कि अब पांचों छात्रों की वर्ष 2026 की पूरी फीस जमा हो चुकी है। इसकी रसीद बाद में देने की बात कही गई। 
 

आरोप है कि कई बार रसीद मांगी तो प्रधानाचार्य ने डीन से रसीद दिलाने की बात कही लेकिन रसीद नही दी गई। अब 28 नवंबर को छात्रों से क्लास टीचर ने फीस जमा कराने के लिए कहा। वहीं, शनिवार को स्कूल बस छात्रों को घर लेने नही पहुंची। जब छात्र स्कूल पहुंचे तो उन्हें फीस जमा न होने की बात कहकर वापस भेज दिया गया। सुशील कुमार ने बताया कि एक दिसंबर से छात्रों के प्री बोर्ड के एग्जाम हैं और वे काफी परेशान हैं।
 
विज्ञापन

ये बोले प्रधानाचार्य
इस मामले में प्रधानाचार्य कुलदीप प्रताप सिंह ने बताया कि स्कूल में फीस नकद नहीं ली जाती है। कुछ माह पहले सुशील ने कालेज में 50 हजार रुपये जमा कराए गए थे। ऑफिस में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसमें सब रिकॉर्ड होता है। उन्होंने बताया कि परतापुर थाने में कुछ दिन पूर्व ही एक रिसेप्सनिस्ट के खिलाफ गबन की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। उसकी एवज में फीस माफ कराने लिए यह साजिश रची जा रही है।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें