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Meerut: आप पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज... जेल भेजने का डर दिखाया और बुजुर्ग से ठग लिए 1.73 करोड़

Mon, 23 Sep 2024 02:31 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

एक बुजुर्ग से साइबर ठगों ने करीब पौने दो करोड़ रुपये ठग लिए। इस दौरान उन्हें घर से बाहर निकलने से भी मना कर दिया। ठगी का पता चलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 
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Cyber Crime - फोटो : FREEPIK
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विस्तार
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सिविल लाइन थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी निवासी बुजुर्ग सूरज प्रकाश को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल भेजने का खौफ दिखाकर साइबर अपराधियों ने चार दिन डिजिटल अरेस्ट कर 1.73 करोड़ की ठगी कर ली। उनसे चार खातों में यह रकम ट्रांसफर कराई गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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सूरज प्रकाश के पास 17 सितंबर को कॉल आई थी। कॉलर ने खुद को टेलीकॉम विभाग से बताते हुए कहा कि आपके सभी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बंद किए जा रहे हैं। आपके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर कैनरा बैंक में एक खाता खोला गया है। जिसमें 6.80 करोड़ रुपये मनी लॉन्ड्रिंग के आए हैं। इसके बाद उनके व्हाट्सएप नंबर पर कॉल आई। कॉलर ने उनके खिलाफ महाराष्ट्र में रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी दी। उन्हें जेल भेजने की धमकी देकर डराया। उन्हें घर से बाहर जाने और किसी से मिलने से रोका गया।

18 सितंबर को उनके एक बैंक खाते में एक बार 3.80 लाख और दूसरी बार 5 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। 20 सितंबर को एक बैंक खाते में 90 लाख रुपये, 21 सितंबर को एक बैंक खाते में 45 लाख रुपये और दूसरे बैंक खाते में 30 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सूरज प्रकाश ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।  साइबर थाना प्रभारी सुबोध सक्सेना ने बताया कि साइबर ठगों के बैंक अकाउंट फ्रीज करने की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेज दी गई है। आरोपियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

ये भी हुए डिजिटल अरेस्टिंग के शिकार
1. जागृति विहार द्वारका टावर निवासी डॉ. अनुज कुमार के पास 21 अगस्त को व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आई। कॉलर ने खुद को हैदराबाद का स्पेशल सीबीआई अफसर बताते हुए कहा कि उनका कैनरा बैंक बरेली के खाते का मनी लॉड्रिंग मामले में इस्तेमाल हुआ है। कई घंटे वीडियो कॉल पर उन्हें डिजिटल अरेस्ट रखा। दो बैंक खातों से 3.37 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर करा लिए।
2. दौराला की सरस्वती कॉलोनी निवासी किरणपाल के बैंक खाते में 23 मई को प्रोविडेंट फंड की रकम आई थी। 25 मई को किसी व्यक्ति ने उनके पास कॉल की। खुद को सीबीआई का अफसर बताते हुए परिचय दिया। उनके खाते से आतंकियों को फंडिंग करने समेत कई तरह के आरोप लगाकर डराया धमकाया। डिजिटल अरेस्ट कर उनसे दो बैंक खातों से 11 लाख रुपये जबरन ट्रांसफर करा लिए।
3. नौचंदी क्षेत्र निवासी एयरफोर्स से रिटायर युवक के पास 9 जुलाई को वीडियो कॉल आई। जिसमें सामने से बात कर रहा व्यक्ति पुलिस की वर्दी में था। पीछे पूरा बैकग्राउंड मुंबई पुलिस के ऑफिस का था। कॉल करने वाले ने कहा कि उनके आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते से 25 लाख रुपये पोर्न वीडियो के कारोबार के लिए ट्रांसफर हुए हैं। आपके खिलाफ मुंबई में 15-16 एफआईआर दर्ज हैं। उन्हें डराकर खाते में 15 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।
 
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ये बरतें सावधानी
- सीबीआई या क्राइम ब्रांच से कॉल आने पर तुरंत यूपी-112 या संबंधित थाने में फोन कर कंफर्म करें।
- पुलिस या सीबीआई किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है।
- पार्सल आने, उसमें ड्रग्स मिलने, मनी लॉन्ड्रिंग का खौफ दिखाने, व्हाट्सएप पर वॉरंट भेजने वाले जालसाज हैं। इनसे डरे नहीं।
- अनजान शख्स की ओर से भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें और कोई एप डाउनलोड न करें।
- कम समय में अमीर बनने के चक्कर में ट्रेडिंग करवाने वालों के जाल में न फंसें। इस शॉर्टकट से आपकी जमा पूंजी जा सकती है।


 
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