जगदीश सिंह के बेटे अंकित ने बताया कि इससे पहले वह वर्ष 2017 में डब्ल्यूएफपीजी लॉस एंजेल्स यूएसए में कांस्य पदक, चीन में आयोजित डब्ल्यूपीएफजी 2019 में चौथे स्थान पर रहे थे। इस बार अपने घुटने की चोट के बावजूद उन्होंने फिट इंडिया मिशन को बढ़ावा देते हुए खेलों में भाग लिया और 55 मिनट के समय के साथ भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। वह भारतीय पुलिस विभाग के पहले भारतीय एथलीट हैं, जिन्होंने इस वर्ग में रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने बताया कि वह दौड़ने के अलावा बैडमिंटन का भी अभ्यास करते हैं और कर रहे थे।
36 साल पुलिस में सेवा करने के बाद 2016 में वह डीएसपी पद से सेवानिवृत्त हुए। उस दौरान वह मुजफ्फरनगर में तैनात थे। 2001 में जगदीश सिंह को राष्ट्रपति पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अब उनका लक्ष्य 28 जुलाई को क्रॉस कंट्री में दौड़ने का है। उसमें भी वह सफलता प्राप्त करेंगे। वहीं, उनकी जीत पर परिजनों ने उन्हें फोन पर बधाई दी।
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2016 के बाद शुरू किया बाहर जाना
अंकित ने बताया कि यूपी पुलिस में तैनाती के दौरान उनके पिता जगदीश सिंह बैडमिंटन खेला करते थे और उन्होंने यूपी पुलिस के लिए बैडमिंटन में भी नेशनल स्तर पर पदक जीते। लेकिन, यूपी सरकार की ओर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। जिस कारण वह दूसरे देशों में प्रतिभाग नहीं कर सके। सेवानिवृत्त होने के बाद जगदीश सिंह ने दूसरे देशों में प्रतिभाग करने का अपना सपना पूरा किया और लगातार वह मेरठ का नाम रोशन कर रहे हैं।