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Meerut: सेंट्रल मार्केट में 44 अवैध निर्माण होंगे सील, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश; टीम को व्यापारियों ने घेरा

Mon, 06 Apr 2026 10:23 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को हुई सुनवाई में पूर्व कमिश्नर को माफीनामा देने के आदेश दिए गए। साथ ही जिन 44 निर्माण को सील करने का आदेश दिया गया, उनमें छह स्कूल, छह अस्पताल, दुकानें और बैंक्वेट हॉल भी शामिल हैं। 
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सेंट्रल मार्केट में पहुंची आवास विकास की टीम का विरोध करते व्यापारी। - फोटो : अमर उजाला
शास्त्रीनगर नगर सेंट्रल मार्केट प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 44 आवासीय भूखंडों में हो रही व्यावसायिक गतिविधियों को बंद करने के आदेश दिए हैं। इनमें चल रहे स्कूल, नर्सिंग होम और बैंक्वेट हॉल के खिलाफ भी आदेश दिए गए हैं। अस्पतालों से मरीज शिफ्ट करने का दायित्व जिला प्रशासन को दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे स्कूल और अस्पताल सील करने के आदेश दिए हैं। सुनवाई की अगली तिथि नौ अप्रैल निर्धारित की गई है। शाम को अदालत के आदेश से अवगत कराने पहुंची आवास विकास की टीम का व्यापारियों ने विरोध करते हुए घेराव किया।
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विरोध जताते व्यापारी। - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथन ने सुनवाई की। आवास एवं विकास परिषद की ओर से सेंट्रल मार्केट के 860 भूखंड में से 44 ऐसे भवनों की सूची दी गई, जो पूर्णत: व्यावसायिक हैं। इनमें छह स्कूल, छह अस्पताल और चार बैंक्वेट हॉल समेत शोरूम, दुकानें चल रही हैं। कोर्ट ने कहा कि ऐसे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की जान जोखिम में है। कोई हादसा होता है तो बच्चों की जान भी जा सकती है। 
 
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मौके पर पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
अदालत ने आवासीय भवनों में दिए गए बिजली कनेक्शन की जानकारी मांगी। इस पर आवास एवं विकास परिषद के अधिवक्ता की ओर से बताया गया कि व्यावसायिक कनेक्शन दिए गए हैं। अदालत ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए पूछा कि बिजली का कनेक्शन कैसे दिया गया है। नोटिस जारी कर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) से इस पर जवाब मांगा है।
 

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हंगामे के दौरान जाम लग गया। - फोटो : अमर उजाला
याचिकाकर्ता लोकेश खुराना के वकील तुषार जैन ने मामले में बहस की। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति परिषद की अन्य योजनाओं में भी है। लोकेश खुराना ने बताया कि कोर्ट ने स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों का दूसरी जगह दाखिला कराने और अस्पतालों में भर्ती मरीजों को अगली सुनवाई तक दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट करने के लिए कहा है। शास्त्रीनगर योजना संख्या सात में 44 निर्माण में छह स्कूल, छह अस्पताल और चार बैंक्वेट हॉल भी शामिल हैं। स्थानीय पुलिस प्रशासन को इस कार्रवाई को करने के लिए जिम्मेदारी दी है। मुख्य सचिव आवास एवं शहरी नियोजन तथा आवास एवं विकास परिषद के अध्यक्ष पी. गुरुप्रसाद, पूर्व कमिश्नर हृषिकेश भास्कर यशोद भी अदालत में उपस्थित हुए।


 
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पुलिस भी मौजूद रही। - फोटो : अमर उजाला
पूर्व कमिश्नर की ओर से 27 अक्तूबर 2025 को ध्वस्तीकरण पर रोक लगाते हुए सेंट्रल मार्केट को बाजार स्ट्रीट घोषित करने के लिए मास्टरप्लान में संशोधन करने के आदेश दिए गए थे। याचिकाकर्ता ने बताया कि इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट के अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के आदेश के विरुद्ध माना गया। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व कमिश्नर से पूछा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद किन परिस्थितियों में यह आदेश पारित किया। अदालत ने पूर्व कमिश्नर को इसका विस्तृत ब्यौरा और माफीनामा देने के आदेश दिए। 



 
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इस दौरान कुछ दुकानदार अवैध निर्माण खुद ही तुड़वाते दिखे। - फोटो : अमर उजाला
व्यापारियों ने किया विरोध
वहीं अदालत के आदेश के बाद आवास एवं विकास परिषद की टीम बाजार में पहुंची और व्यापारियों को अवैध निर्माण खाली करने को कहा। इस पर काफी संख्या में इकट्ठा व्यापारियों ने विरोध कर टीम का घेराव किया। व्यापारियों ने कहा कि अभी तक अदालत का आदेश अपलोड नहीं हुआ है। ऐसे में इसका अनुपालन किस तरह से कराया जा रहा है। कुछ देर बाद टीम वापस लौट गई।

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