फलावदा क्षेत्र के एक गांव में घर में घुसकर किशोरी से दुराचार करने और विरोध करने पर हत्या करने वाले को अदालत ने आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वह गाजियाबाद जनपद के मसूरी थाना क्षेत्र के गांव बडका आरिफपुर का रहने वाला है। घटना के बाद तीन साल में न्यायालय का निर्णय आ गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार फलावदा थाने पर एक जून 2022 को एक गांव के निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित पिता ने बताया था कि आरोपी रोहित की उनके गांव में ननिहाल है। वह अकसर अपने मामा के घर आता जाता था। एक जून को उनकी नाबालिग बेटी (14) घर के बाहरी हिस्से में अकेली थी, तभी आरोपी रोहित ने घर में घुस कर उसकी बेटी के साथ दुराचार किया और विरोध करने पर उसने बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी।
शोर शराबा सुनकर आसपास के लोग और परिजन भी आ गए। लोगों ने आरोपी रोहित को मौके से ही पकड़कर फलावदा पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने दुराचार, हत्या और पॉक्सो में रिपोर्ट दर्ज करके आरोपी को जेल भेज दिया था। पुलिस ने 17 जून 2022 को रोहित के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई न्यायालय स्पेशल जज पॉक्सो में हुई। विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) नरेंद्र चौहान और कुलदीप मोहन ने पर्याप्त साक्ष्य कोर्ट में पेश किए। दोनों पक्षों को सुनते हुए अदालत ने शुक्रवार को रोहित को दोषी पाते हुए हत्या में आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जेल में ही है हत्यारा रोहित, नहीं मिली जमानत
रोहित बीते तीन साल से जेल मे ही बंद है। उसे हाई कोर्ट से भी जमानत नहीं मिली थी। शुक्रवार को सजा सुनाने के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।