जिस उम्र में बच्चे मस्ती और खेलकूद में व्यस्त रहते हैं, उस उम्र में दिल्ली के पश्चिम विहार निवासी 10 वर्षीय आरव भारद्वाज अपने पिता के साथ ढाई हजार किलोमीटर की साइकिल यात्रा पर निकले हैं।
आजादी के अमृत महोत्सव में लोगों को देशभक्ति का संदेश देने के लिए 10 वर्ष के बालक आरव भारद्वाज ने अनोखा तरीका निकाला। वह मणिपुर से दिल्ली तक 2,500 किलोमीटर की यात्रा साइकिल से कर रहे है। शनिवार को आरव भरद्वाज जानी खुर्द से निकला तो लोगों को भीड़ आरव भारद्वाज का हौसला बढ़ाने के लिये जमा हो गई।
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जिस उम्र में बच्चे मस्ती और खेलकूद में व्यस्त रहते हैं, उस उम्र में दिल्ली के पश्चिम विहार निवासी डाक्टर अतुल भारद्वाज के 10 वर्षीय पुत्र आरव भारद्वाज ने स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष के अवसर पर देश के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए साइकिल द्वारा मणिपुर से दिल्ली के बीच की दूरी तय करने का संकल्प लिया है।
आरव ने अपनी यात्रा 14 अप्रेल को आईएनए मेमोरियल मोईरान्ग मणिपुर से साइकिल यात्रा शुरू की थी। आरव अपनी 2500 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल पर समाप्त 16 मई को समाप्त करेगा।
कक्षा छह का छात्र आरव और उसके पिता अतुल भारद्वाज साइकिल से अपनी यात्रा में शनिवार को मेरठ से मेरठ बागपत मार्ग से होते हुए बागपत जाते हुए कुछ देर के लिये जानी खुर्द में रूके। इस दौरान आरव के हौसले को सलाम करने के लिये जानी खुर्द में काफी संख्या में ग्रामीण और बच्चे जमा हो गये।
इस दौरान आरव ने बताया कि इस यात्रा का मकसद लोगों को देशभक्ति का संदेश देना है। आरव के साथ कार में उसके दादा एमएस भारद्वाज और मां डाक्टर स्वाती कार से चल रहे है।